Jamshedpur Bank Robbery: झारखंड के जमशेदपुर में गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई करोड़ों की डकैती के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। वारदात के खुलासे और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है।
पुलिस के मुताबिक, बदमाश बैंक से करीब 42 लाख रुपये नकद और लगभग 23 किलो सोना लूटकर फरार हुए हैं। CCTV फुटेज के आधार पर पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इन संदिग्धों के बारे में सूचना देने वालों के लिए कुल 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की है।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 9:10 बजे बैंक का प्यून बैंक खोलने पहुंचा था। इसी दौरान करीब पांच से सात हथियारबंद बदमाश बैंक में दाखिल हुए और प्यून को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद बैंक के अन्य कर्मचारी भी वहां पहुंचते गए और बदमाश उन्हें भी बंधक बनाते गए। करीब 10 बजे बैंक मैनेजर के पहुंचने के बाद उन्हें भी बदमाशों ने अपने कब्जे में ले लिया।
आरोप है कि हथियारों के बल पर बदमाशों ने बैंक का चेस्ट खुलवाया और उसमें रखी नकदी तथा सोने के गहने लेकर फरार हो गए। डकैती के दौरान सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट भी की गई। बैंक के फर्श पर खून के धब्बे मिलने के बाद पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया है।
बैंक से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बदमाश करीब 42 लाख रुपये नकद लेकर गए हैं। इसके अलावा बैंक में रखे सोने के गहनों के करीब 650 पैकेट भी लूटे गए हैं। इन गहनों का कुल वजन लगभग 23 किलो बताया जा रहा है। सोने की कीमत का शुरुआती अनुमान 32 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। हालांकि, लूटे गए सोने की वास्तविक कीमत का अंतिम आकलन बैंक के रिकॉर्ड और जांच के आधार पर किया जाएगा।
डकैती के बाद पुलिस ने CCTV फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की तस्वीरें सामने आई हैं। पुलिस इन तस्वीरों का सत्यापन कर रही है। पुलिस ने वारदात में शामिल बताए जा रहे पांच संदिग्ध अपराधियों के बारे में सूचना देने वालों के लिए कुल 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। जांच टीम CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी कर रही हैं।
SSP डॉ. एहतेशाम वकारीब के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और टीम लगातार उन पर काम कर रही है। CCTV फुटेज से मिले फोटो के आधार पर संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को ADG CID मनोज कौशिक और कोल्हान DIG अनुरंजन किस्पोट्टा जमशेदपुर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बैंक पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और बैंक अधिकारियों तथा जांच टीम से घटना की जानकारी ली।
जांच के दौरान पुलिस ने वारदात का क्राइम सीन भी री-क्रिएट किया। टीम ने यह समझने की कोशिश की कि बदमाश किस रास्ते से बैंक में दाखिल हुए, उन्होंने कर्मचारियों को किस तरह अपने कब्जे में लिया और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। रांची से पहुंची FSL टीम ने बैंक के अंदर और बाहर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए। जांच टीम ने फिंगरप्रिंट समेत अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य भी एकत्र किए हैं। जांच के दौरान बैंक के अलार्म सिस्टम के खराब होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी बैंकों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए जाएंगे। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस पांच संदिग्ध अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी पर है। CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य, तकनीकी जांच और अन्य सुरागों को जोड़कर पुलिस लुटेरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।




