ब्रेकिंग
बिहार में बड़ा फर्जीवाड़ा: सरकारी पोखर पर कब्जा कर कराई फर्जी रजिस्ट्री, मेयर के बेटे और डिप्टी मेयर समेत 47 लोगों के खिलाफ केसBihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टबिहार में बड़ा फर्जीवाड़ा: सरकारी पोखर पर कब्जा कर कराई फर्जी रजिस्ट्री, मेयर के बेटे और डिप्टी मेयर समेत 47 लोगों के खिलाफ केसBihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

जयपुर पुलिस ने लखीसराय से शातिर ठग को पकड़ा, IAS और IPS अधिकारियों का प्रोफाइल बना मैसेंजर पर मांगता था पैसे

DESK: IAS-IPS और कई बड़े अधिकारियों के नाम पर फर्जी एकाउंट बनाकर मैसेंजर के माध्यम से ठगी का मामला पहले भी सामने आया है। बात चाहे बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, प्रध

जयपुर पुलिस ने लखीसराय से शातिर ठग को पकड़ा, IAS और IPS अधिकारियों का प्रोफाइल बना मैसेंजर पर मांगता था पैसे
Santosh Singh
4 मिनट

DESK: IAS-IPS और कई बड़े अधिकारियों के नाम पर फर्जी एकाउंट बनाकर मैसेंजर के माध्यम से ठगी का मामला पहले भी सामने आया है। बात चाहे बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, प्रधान सचिव संजय कुमार, डीआईजी मनु महाराज या फिर डीजी आलोक राज की करे सभी साइबर ठग के शिकार हो चुके है लेकिन अब तक इस गोरखधंधे में लगे लोगों को पकड़ा नहीं जा सका। ऐसे ही एक शातिर ठग को जयपुर पुलिस ने लखीसराय से दबोचा है जिस पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। दरअसल राजस्थान के अपर मुख्य सचिव की फर्जी आईडी मैसेंजर पर बनाकर इस ठग ने अधिकारी के परिचित लोगों से 30 हजार रुपये ठग लिया। इसी मामले में जयपुर पुलिस ने उसे बिहार के लखीसराय से गिरफ्तार किया है। राकेश कुमार झा पटना में मुसल्लहपुर में रहकर पढ़ाई करता था। पटना में रहकर बीएससी की पढ़ाई के दौरान ही वह साइबर ठगों के संपर्क में आया। जहां से उसने फर्जी आधार कार्ड बनाने और सिम हासिल करने का धंधा सीखा और फर्जी एकाउंट बनाकर लखीसराय स्थित घर से ठगी करने लगा। लखीसराय स्थित आवास से गिरफ्तार हुए राकेश पर आरोप है कि सोशल मीडिया पर वह दूसरों के नाम पर प्रोफाइल बनाता था लेकिन आज तक उसने अपने नाम से एकाउंट नहीं बनाया। फिलहाल जयपुर पुलिस उसे लेकर निकल चुकी है कल उसे प्रोडक्शन वारंट पर रेवाड़ी पुलिस ले जाएगी। 



अधिकारियों के नाम से फेक आईडी बनाकर मैसेंजर पर ठगी करने वाले इस शातिर ठग का नाम राकेश कुमार झा है। जिसे जयपुर पुलिस ने बिहार के लखीसराय थाना क्षेत्र के भोला टोला स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया। उसके पास से पुलिस ने 7 महंगे मोबाइल भी जब्त किया है। एक मोबाइल की कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार राकेश पर आरोप है कि वह मैसेंजर पर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को झांसे में लेकर उनसे पैसे ऐठता था। आईएमईआई नंबर अन्य मोबाइल की तरह ट्रेस ना हो इसे लेकर पर यह खेल एपल के आईफोन से करता था। राजस्थान के अपर मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह के अलावे उसने हरियाणा के रेवाड़ी SDM रविन्द्र कुमार के फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट से भी पैसे की उगाही की थी। इसी मामले में लखीसराय स्थित आवास से राकेश को गिरफ्तार किया गया है जबकि एक अन्य युवक की तलाश में जयपुर पुलिस पश्चिम बंगाल भी गई हुई है। जयपुर पुलिस ने जब राकेश को गिरफ्तार किया तब उसने धौंस दिखानी शुरू कर दी। साइबर ठग राकेश झा ने कहा कि वह लखीसराय एसपी के साइबर सेल में एक्सपर्ट है लेकिन जब लखीसराय एसपी से जयपुर पुलिस ने बात की तो उसकी झुठ सामने आ गई। 



लखीसराय से गिरफ्तार राकेश के संबंध में बताया जाता है कि उसका बाप रामकुमार झा भी नोट डबल करने के नाम पर ठगी किया करता था। लखीसराय, खगड़िया सहित कई जिलों में उस पर ठगी के मामले दर्ज है। रामकुमार झा कई बार जेल भी जा चुका है। ऐसे में राकेश आज अपने पिता के ही  रास्ते पर चल रहा है। वह अब तक कई बड़े अधिकारियों को साइबर क्राइम के जरिए चुना लगा चुका है। राकेश के खिलाफ भी कई मामले दर्ज है लेकिन इस मामले में वह पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आया है।  साइबर ठग राकेश ने करीब 20 से ज्यादा फर्जी आधार कार्ड बनाकर सिम लिया और कई मोबाइल में लगाकर ठगी का काम करने लगा। फर्जीवाड़ा करके  राकेश ने अब तक  करीब एक करोड़ रुपए कमा चुका है। सोशल मीडिया से फोटो निकालकर वह फर्जी आधार कार्ड बना लेता था और फोटोशॉप के जरिए एडिट करता था।