ब्रेकिंग
टिश्यू पेपर पर ‘BOMB’ लिखा मिला, एअर इंडिया की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंगस्वाइन फ्लू के बीच अब चूहा बुखार का खतरा, 2 महीने में 130 से ज्यादा केस मिलेBihar News: घूसखोर DCLR कंचन कुमारी झा के खिलाफ स्पीडी ट्रायल ! 7 साल तक की हो सकती है सजा, विवाद के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता को पटना बुलाया...26 साल पुराना सोन नदी जल विवाद खत्म, बिहार-झारखंड के बीच बनी सहमतिBihar News: कौन हैं देवेश कुमार...क्यों दिया था MLC से इस्तीफा ? BJP नेतृत्व और सरकार की साख बचाने वाले नेता को मिला सम्मान...टिश्यू पेपर पर ‘BOMB’ लिखा मिला, एअर इंडिया की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंगस्वाइन फ्लू के बीच अब चूहा बुखार का खतरा, 2 महीने में 130 से ज्यादा केस मिलेBihar News: घूसखोर DCLR कंचन कुमारी झा के खिलाफ स्पीडी ट्रायल ! 7 साल तक की हो सकती है सजा, विवाद के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता को पटना बुलाया...26 साल पुराना सोन नदी जल विवाद खत्म, बिहार-झारखंड के बीच बनी सहमतिBihar News: कौन हैं देवेश कुमार...क्यों दिया था MLC से इस्तीफा ? BJP नेतृत्व और सरकार की साख बचाने वाले नेता को मिला सम्मान...

131 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, बिहार से लेकर दिल्ली और राजस्थान तक 8 ठिकानों पर छापेमारी

ED Raid Bihar: बांका में 131 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध बालू खनन मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग के तहत की जा रही है।

ED Raid Bihar
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

ED Raid Bihar: बिहार के बांका जिले में 131 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध बालू खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की पटना क्षेत्रीय टीम ने धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच के तहत महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की है।



ईडी सूत्रों के अनुसार, महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड का नियंत्रण राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी चंदक परिवार के पास है। कंपनी का संचालन अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया। 



आरोप है कि इस अवैध खनन की जानकारी लंबे समय तक राज्य के खनन विभाग तक नहीं पहुंच सकी। मामले की जांच के दौरान ईडी ने पटना से बांका जिले के विभिन्न बालू घाटों का अध्ययन कराया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कंपनी द्वारा करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की बालू का अवैध खनन किया गया।



इसके बाद ईडी ने धन शोधन निवारण कानून (PMLA) की संबंधित धाराओं के तहत यह जानकारी बिहार राज्य खनन निगम को भेजी। इसी आधार पर खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 को बांका में प्राथमिकी संख्या 365/2025 दर्ज कराई, जिसकी जांच फिलहाल जारी है।



वर्तमान में ईडी की छापेमारी आठ अलग-अलग स्थानों पर चल रही है। इनमें बिहार के बांका और पटना, दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ठिकाने, राजस्थान के श्रीगंगानगर में चार स्थान और जयपुर में एक स्थान शामिल हैं। ईडी की इस कार्रवाई के बाद अवैध बालू खनन से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जांच एजेंसी मामले में दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है। 

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता