Bihar Crime News: छपरा पुलिस ने बहुचर्चित पंकज यादव हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए मुख्य शूटर समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस तथा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
सारण एसएसपी विनीत कुमार ने बताया कि मृतक पंकज यादव चर्चित अधिवक्ता डबल मर्डर केस का महत्वपूर्ण गवाह था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इसी वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे मामले का पर्दाफाश किया।
शादी समारोह से लौटते समय हुई थी हत्या
एसएसपी के अनुसार, 28 जून 2026 की रात पंकज यादव अपने सगे भाई मनीष यादव के साथ एक शादी समारोह से मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मेथवलिया गांव के समीप पहले से घात लगाए अपराधियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलीबारी में पंकज यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
एसआईटी ने ऐसे सुलझाई गुत्थी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी विनीत कुमार के निर्देश पर सदर-01 के एसडीपीओ रामपुकार सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान चार आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चंचौरा निवाली मुख्य शूटर नंदन उर्फ करीमन, रेकी करने वाला निखिल कुमार, घटना में प्रयुक्त वाहन का चालक कुंदन कुमार और घटना में शामिल आरोपी अंकित कुमार शामिल है।
हथियार और मोबाइल बरामद
गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जा सके।
गवाही बनी हत्या की वजह
एसएसपी ने बताया कि पंकज यादव अधिवक्ता डबल मर्डर केस का महत्वपूर्ण गवाह था। प्रारंभिक जांच में यही तथ्य सामने आया है कि गवाही को लेकर अपराधियों ने हत्या की साजिश रची। फिलहाल गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्रवाई में मुफस्सिल थाना पुलिस, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) सारण तथा एसआईटी की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रेतर विधिसम्मत कार्रवाई जारी है और फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
रिपोर्ट- पवन कुमार सिंह, छपरा





