ब्रेकिंग
Anant Singh पटना स्नातक सीट पर JDU में घमासान! नीरज कुमार को हरवाएंगे बाहुबली अनंत सिंह , विपक्षी कैंडिडेट को दिया खुला समर्थन...Bihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह पटना में बाढ़ का खतरा गहराया! 66 नावें तैनात, मुसीबत में फंसें तो तुरंत इस नंबर पर करें फोनPatna Shopping Complex: पटना के खेतान मार्केट समेत 3 जगहों पर बनेंगे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 530 करोड़ की योजना पर बड़ा फैसलाBihar News: पटना डूबने लगा! गंगा के रौद्र रूप से दीघा से मोकामा तक तबाही, 1500 परिवार सड़क परAnant Singh पटना स्नातक सीट पर JDU में घमासान! नीरज कुमार को हरवाएंगे बाहुबली अनंत सिंह , विपक्षी कैंडिडेट को दिया खुला समर्थन...Bihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह पटना में बाढ़ का खतरा गहराया! 66 नावें तैनात, मुसीबत में फंसें तो तुरंत इस नंबर पर करें फोनPatna Shopping Complex: पटना के खेतान मार्केट समेत 3 जगहों पर बनेंगे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, 530 करोड़ की योजना पर बड़ा फैसलाBihar News: पटना डूबने लगा! गंगा के रौद्र रूप से दीघा से मोकामा तक तबाही, 1500 परिवार सड़क पर

Bihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह

Bihar BDO Strike: बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ ने 21 सितंबर 2026 से सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। 36 जिलों के 577 पदाधिकारियों ने समर्थन जताया है। 7 सितंबर को विभाग को सूचना दी जाएगी।

Bihar BDO Strike: बिहार के बीडीओ जायेंगे हड़ताल पर, सरकार के सामने बढ़ी बड़ी चुनौती; जानिए क्या है वजह
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

पटना: बिहार में ग्रामीण विकास सेवा के पदाधिकारियों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ (BDO संघ )ने सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी शुरू कर दी है। संघ की ओर से जारी पत्र के अनुसार, राज्य के 36 जिलों से सामूहिक अवकाश के पक्ष में सहमति प्राप्त हुई है। इसके बाद संघ ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।


संघ की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी पत्र में ग्रामीण विकास सेवा के सभी पदाधिकारियों के लिए सामूहिक अवकाश पर जाने के संबंध में जानकारी दी गई है। पत्र में 24 अगस्त 2026 को जारी संघ के पत्र का हवाला देते हुए बताया गया है कि जिलों से सहमति और असहमति मांगी गई थी। प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में पदाधिकारियों ने सामूहिक अवकाश के पक्ष में अपनी सहमति दी है।


608 पदाधिकारियों से मांगी गई थी राय

संघ के दस्तावेज के मुताबिक, अलग-अलग पदों पर कार्यरत कुल 608 पदाधिकारियों से राय मांगी गई थी। इनमें Director/DDO के 40, BDO के 464, EM के 37, APO के 20 और RDO के 47 पदाधिकारी शामिल बताए गए हैं। संघ ने पत्र में कहा है कि सदस्यों से राय लेने की प्रक्रिया का उद्देश्य सामूहिक निर्णय लेना था। असहमति की स्थिति में भी बहुमत के आधार पर निर्णय लेने की बात कही गई है। संघ के अनुसार, अब प्रक्रिया पूरी होने के बाद सदस्यों को सामूहिक अवकाश के निर्णय में शामिल होने का आह्वान किया गया है।


36 जिलों में बनी सहमति

संघ द्वारा संलग्न जिला-वार विवरण में राज्य के 36 जिलों के पदाधिकारियों की सहमति और संख्या का उल्लेख किया गया है। अंतिम पृष्ठ पर संघ ने कुल सहमति का सार देते हुए Director/DDO-35, BDO-447, EM-37, APO-18 और RDO-40, यानी कुल 577 पदाधिकारियों की सहमति दर्ज की है। दस्तावेज में सभी EM की सहमति होने की बात भी लिखी गई है। इस आंकड़े से संकेत मिलता है कि संघ के भीतर सामूहिक अवकाश को लेकर व्यापक समर्थन है। हालांकि, पत्र में दर्ज आंकड़ों और जिला-वार हस्तलिखित विवरण के बीच कुछ अंतर दिखाई देता है, इसलिए आधिकारिक विभागीय स्तर पर इसकी पुष्टि अलग से महत्वपूर्ण होगी।


21 सितंबर से सामूहिक अवकाश का संकेत

संघ के पत्र में कहा गया है कि विभाग को मांगों और सामूहिक अवकाश से संबंधित पत्र भेजने के बाद कार्रवाई के लिए कम से कम 10 दिनों का समय दिया जाना चाहिए। पत्र के अनुसार 10 दिनों की अवधि 17 सितंबर 2026 को पूरी हो रही है। इसके बाद 18 सितंबर शुक्रवार है, जबकि 19 और 20 सितंबर शनिवार-रविवार को सचिवालय बंद रहने का उल्लेख किया गया है। इसी आधार पर संघ ने 21 सितंबर 2026 से सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय बताया है। पत्र में यह भी कहा गया है कि सामूहिक अवकाश पर जाने की अंतिम तिथि विभाग की कार्रवाई और मांगों के पूरा होने के आधार पर तय होगी।


विभाग को पहले ही भेजी जाएगी सूचना

संघ ने अपने सदस्यों को यह भी निर्देश दिया है कि 7 सितंबर 2026 को ग्रामीण विकास विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग को सामूहिक अवकाश के संबंध में पत्र भेजा जाएगा। इसके साथ ही सभी सदस्य अपने-अपने जिलों में जिला पदाधिकारी को भी निर्धारित प्रपत्र के माध्यम से सामूहिक अवकाश की सूचना देंगे। संघ का कहना है कि वर्षों से लंबित मांगों के संबंध में लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद सामूहिक अवकाश का रास्ता चुना गया है। पत्र में सदस्यों से एकजुट रहने और संगठन के निर्णय का साथ देने की अपील की गई है।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 21 सितंबर से प्रस्तावित सामूहिक अवकाश को लेकर सरकार और विभाग की ओर से क्या कदम उठाया जाता है। यदि संघ अपने निर्णय पर कायम रहता है तो ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी स्तर के कामकाज पर इसका असर पड़ सकता है। खासकर प्रखंड और जिला स्तर पर विकास योजनाओं से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है।