Bihar News: बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच पटना जिले में बाढ़ का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। खासकर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। हालात को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों और एसडीआरएफ की मोटरबोट की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के पानी में किसी तरह का जोखिम न लें। अगर कहीं पानी तेजी से बढ़ रहा है, तटबंध में कटाव या रिसाव दिखाई दे रहा है अथवा कोई व्यक्ति बाढ़ के पानी में फंस गया है तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। आपात स्थिति में 1070 पर फोन किया जा सकता है।
निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने की तैयारी
पटना जिले के संवेदनशील और निचले इलाकों में प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके लिए जिले के अलग-अलग इलाकों में 66 निशुल्क नावें तैनात की गई हैं।
ये नावें अथमलगोला, बख्तियारपुर, बाढ़, दानापुर, फतुहा, मनेर, पाटलिपुत्र और पुनपुन क्षेत्रों में उपलब्ध कराई गई हैं। बाढ़ प्रभावित लोग इन नावों का निशुल्क इस्तेमाल कर सकते हैं।
प्रशासन ने साफ कहा है कि बाढ़ के पानी को पार करने के लिए छोटी नाव, डेंगी या किसी असुरक्षित साधन का इस्तेमाल नहीं करें। केवल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई नाव या एसडीआरएफ की मोटरबोट से ही सुरक्षित तरीके से आवागमन करें।
राहत शिविरों में भोजन से लेकर दवा तक की व्यवस्था
बाढ़ की स्थिति में विस्थापित होने वाले लोगों के लिए राहत शिविर भी तैयार किए गए हैं। इन शिविरों में लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, पीने का पानी, शौचालय, रोशनी और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की जा रही है।
बाढ़ और दानापुर अंचल में एक-एक राहत शिविर शुरू किए गए हैं, जबकि पाटलिपुत्र अंचल में दो राहत शिविर बनाए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह के साथ-साथ भोजन और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलती रहें।
पशुओं के लिए भी बनाए गए अलग शिविर
बाढ़ के दौरान सिर्फ इंसानों की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पशुओं की देखभाल के लिए भी प्रशासन ने इंतजाम किए हैं। बाढ़ और पाटलिपुत्र अंचल में दो-दो तथा दानापुर अंचल में एक पशु शिविर शुरू किया गया है।
इन शिविरों में पशुओं के लिए चारा, जरूरी दवाएं और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को बाढ़ के पानी में खुला छोड़ने के बजाय निर्धारित पशु शिविरों में ले जाएं।
इन घाटों पर एसडीआरएफ की मोटरबोट तैनात
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की मोटरबोट को कई संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। इनमें उमानाथ घाट, अलखनाथ घाट, बख्तियारपुर, एनआईटी घाट, गांधी घाट, कंगन घाट, दीघा घाट, जेपी सेतु के पूर्वी और पश्चिमी घाट, नासरी घाट, दानापुर पीपा पुल घाट और मनेर अंचल शामिल हैं।
इसके अलावा दो मोटरबोट को रिजर्व में रखा गया है, ताकि किसी भी अचानक उत्पन्न होने वाली आपात स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सके।
सर्पदंश या कुत्ते के काटने पर लापरवाही न करें
बाढ़ के दौरान सांप निकलने और सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह पानी भरने वाले इलाकों में कुत्ते के काटने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय राहत शिविर के पास बनाए गए मेडिकल कैंप में तुरंत पहुंचने की सलाह दी गई है।
गंभीर स्थिति होने पर स्थानीय प्रशासन या बचाव दल को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।
तटबंध में कटाव दिखे तो तुरंत दें सूचना
प्रशासन ने लोगों से खास तौर पर कहा है कि तटबंध में कटाव, रिसाव या टूटने जैसी स्थिति दिखाई देने पर खुद मरम्मत करने या मौके पर भीड़ लगाने की कोशिश न करें। ऐसी सूचना तुरंत स्थानीय सीओ, प्रखंड प्रशासन या जिला प्रशासन को दें।
अगर खतरा तत्काल और गंभीर है तो राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के 1070 नंबर पर सूचना दी जा सकती है।
ये नंबर रखें सेव
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र: 1070
पटना जिला नियंत्रण कक्ष: 0612-2210118
जिला नियंत्रण कक्ष: 8235449748
बाढ़ के बीच इन बातों का रखें ध्यान
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बढ़ते पानी को देखने के लिए नदी या जलमग्न इलाकों में जाने से बचें। बच्चों को नदी, नहर, तालाब और बाढ़ के पानी से पूरी तरह दूर रखें। बिना सुरक्षित नाव के पानी पार करने की कोशिश न करें।
साथ ही किसी अफवाह या अपुष्ट संदेश के आधार पर घर छोड़ने या दूसरी जगह जाने का फैसला न करें। किसी भी आपात स्थिति में देरी करने के बजाय तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
पटना प्रशासन ने संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर और बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रहेगी। लोगों से भी अपील की गई है कि वे सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सरकारी सहायता लें।





