Bihar News : पटना में आने वाले दिनों में खरीदारी और कारोबार का अंदाज बदल सकता है। शहर में तीन बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की तैयारी है। इनमें खेतान मार्केट के पास की जगह भी शामिल है। खास बात यह है कि इन परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता लेने की दिशा में नगर निगम ने कदम बढ़ाया है।
पटना शहर लगातार फैल रहा है और आबादी बढ़ने के साथ बाजारों पर भी दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में राजधानी में आधुनिक व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 93 एजेंडों पर निर्णय लिया गया।
इनमें तीन बड़े कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण का प्रस्ताव सबसे अहम माना जा रहा है। निगम की योजना के मुताबिक आर्य कुमार रोड, खेतान मार्केट के समीप और एएन कॉलेज पानी टंकी के पास व्यावसायिक परिसर विकसित किए जाएंगे।
तीन जगहों पर कितना खर्च होगा?
नगर निगम के प्रस्ताव के अनुसार आर्य कुमार रोड में बनने वाले कमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर करीब 133 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं खेतान मार्केट के पास प्रस्तावित परियोजना की लागत लगभग 97 करोड़ रुपये बताई गई है।
सबसे बड़ी परियोजना एएन कॉलेज की पानी टंकी के पास प्रस्तावित है। यहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इन परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यानी आने वाले समय में इन इलाकों की तस्वीर और कारोबारी गतिविधियों का स्वरूप बदल सकता है।
सिर्फ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ही नहीं, वेंडिंग जोन भी बनेंगे
पटना में छोटे दुकानदारों और स्ट्रीट वेंडरों के लिए भी नगर निगम ने योजना बनाई है। निगम के स्वामित्व वाली 15 जगहों पर बहुमंजिला वेंडिंग जोन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड से प्राप्त राशि का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसका उद्देश्य शहर में सड़क किनारे लगने वाले असंगठित बाजार को व्यवस्थित करना और दुकानदारों को बेहतर जगह उपलब्ध कराना है। यदि योजना जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे बाजारों की व्यवस्था के साथ-साथ सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण की समस्या को भी नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
पुरानी निगम संपत्तियों को भी मिलेगा नया रूप
नगर निगम की जर्जर और कम उपयोग हो रही संपत्तियों के पुनर्विकास की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NBCC) के साथ एमओयू करने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है।
योजना के तहत निगम की चिन्हित संपत्तियों को आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया जाएगा। इससे लंबे समय से अनुपयोगी पड़ी सरकारी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
पटना में पानी और स्ट्रीट लाइट पर भी जोर
बैठक में शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 60 योजनाओं को मंजूरी दी गई। इनमें पाइपलाइन विस्तार और अधिक क्षमता वाले बोरिंग लगाने से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
वहीं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देशों के अनुरूप काम करने और नई एजेंसी के चयन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
मैनहोल और नालों की सफाई में आएगा रोबोट
पटना के नालों और मैनहोल की सफाई को लेकर भी नगर निगम ने तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। इसके लिए 12 रोबोटिक रोवर मशीनें खरीदने की मंजूरी दी गई है।
इन मशीनों के इस्तेमाल से सफाईकर्मियों को खतरनाक मैनहोल और नालों में उतरने की जरूरत कम हो सकती है। निगम का लक्ष्य सफाई व्यवस्था को सुरक्षित और आधुनिक बनाना है।
इसके अलावा मिलर हाई स्कूल परिसर की ऐतिहासिक पानी टंकी के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की योजना भी स्वीकृत की गई है। करीब 3.48 करोड़ रुपये की लागत से यहां कैफेटेरिया विकसित करने का प्रस्ताव है।
कुल मिलाकर नगर निगम की बैठक में लिए गए फैसलों का फोकस पटना को बेहतर बाजार, आधुनिक सुविधाओं, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और तकनीक आधारित सफाई व्यवस्था देने पर है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन योजनाओं को जमीन पर कब तक उतारा जाता है और इनके पूरा होने के बाद राजधानी के बाजारों और आम लोगों की जिंदगी में कितना बदलाव आता है।





