CBI Raid Bihar: पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बिहार के बक्सर में फरार आरोपी कृष्ण कुमार सिंह उर्फ अटल सिंह की तलाश तेज कर दी है।
सीबीआई की टीम पिछले एक सप्ताह से लगातार बक्सर में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए CBI ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। रविवार को एजेंसी ने बक्सर शहर में उसके खिलाफ इनाम संबंधी पोस्टर भी चस्पा किए।
चंद्रनाथ रथ की हत्या पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कोलकाता में 6 मई की रात कर दी गई थी। शुरुआती जांच पश्चिम बंगाल पुलिस ने की थी, जिसने बक्सर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में मामला CBI को सौंप दिया गया, जिसके बाद जांच का दायरा और बढ़ा।
मुख्य आरोपी कृष्ण कुमार सिंह उर्फ अटल सिंह बक्सर जिले के नुआंव गांव का निवासी है। शहर के चीनी मिल मोहल्ले में भी उसका एक मकान है। CBI की टीम लगातार दोनों स्थानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सीसीटीवी फुटेज समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। उसके खिलाफ पहले से भी जिले के विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ पहले ही बक्सर से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा बक्सर जेल में बंद एक अन्य अपराधी को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी, जबकि एक संदिग्ध से पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया।
CBI की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह क्षेत्र से गोलू सिंह को भी गिरफ्तार किया गया। वहीं घटना में कथित रूप से शामिल एक अन्य आरोपी ज्ञानेंद्र उर्फ मनु ने मऊ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बाद में CBI उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कोलकाता ले गई।
हत्या के बाद कोलकाता पुलिस की एसटीएफ ने 9 जून को बक्सर के पीसी कॉलेज इलाके से विक्की मौर्य, मयंक मिश्रा और विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद विशाल श्रीवास्तव को छोड़ दिया गया, जबकि विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार कर कोलकाता ले जाया गया। इसी मामले में उत्तर प्रदेश के राज सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा CBI ने 21 मई को बक्सर केंद्रीय कारा में बंद उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी संजय राय को रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। संजय राय को हत्या के कुछ दिनों बाद बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान यह भी चर्चा रही कि उसने पुलिस का ध्यान भटकाने के उद्देश्य से जानबूझकर बिहार में प्रवेश कर गिरफ्तारी दी थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
CBI का कहना है कि मामले में फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। जांच एजेंसी सभी उपलब्ध साक्ष्यों और विभिन्न राज्यों में मिली जानकारियों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





