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रोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाब

रोशन आनंद की गिरफ्तारी मामले में NHRC ने पटना SSP को चेतावनी दी है। आयोग ने मामले की रिपोर्ट 3 सितंबर तक मांगी है। जानिए पूरा मामला।

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Tejpratap
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Bihar News : पटना में कोचिंग संस्थान से जुड़े गोलीबारी और मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए कोचिंग संचालक रोशन आनंद को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा को चेतावनी देते हुए मामले में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। रिपोर्ट तय समय पर नहीं देने की स्थिति में आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।


मामला खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हुई मारपीट और गोलीबारी से जुड़ा है। पुलिस ने इस मामले में रोशन आनंद को कथित तौर पर घटना का सूत्रधार बताते हुए गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे। आरोप है कि पर्याप्त जांच के बिना ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।


इस पूरे मामले में मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स अम्ब्रेला फाउंडेशन के चेयरमैन विशाल रंजन दफ्तुआर ने 10 जून को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी।


शिकायत के मुताबिक, रोशन आनंद को कथित तौर पर गलत तरीके से आपराधिक मामले में फंसाया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि कार्रवाई एकतरफा तरीके से की गई। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष और जांच की विस्तृत स्थिति सामने आना अभी बाकी है।


बताया गया है कि आयोग ने पहले पटना पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन निर्धारित समय तक रिपोर्ट नहीं मिलने के बाद अब मामले में दोबारा जवाब तलब किया गया है। आयोग ने 3 सितंबर तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। समय सीमा के भीतर जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


इस मामले को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि रोशन आनंद के स्वास्थ्य को लेकर भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार, वह किडनी की बीमारी से ग्रसित हैं। ऐसे में गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।


अब निगाहें पटना पुलिस की रिपोर्ट पर टिकी हैं। आयोग के सामने पुलिस को यह स्पष्ट करना होगा कि रोशन आनंद की गिरफ्तारी किन परिस्थितियों में हुई, जांच के दौरान उनके खिलाफ क्या साक्ष्य सामने आए और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में सभी जरूरी कानूनी प्रावधानों का पालन किया गया या नहीं।


फिलहाल NHRC की ओर से चेतावनी सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। खास बात यह है कि आयोग ने सिर्फ जवाब मांगने तक मामला सीमित नहीं रखा है, बल्कि तय समयसीमा में रिपोर्ट नहीं देने पर कार्रवाई की बात कही है। ऐसे में 3 सितंबर की तारीख इस पूरे मामले में अहम मानी जा रही है।


हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि NHRC की कार्रवाई या शिकायत में लगाए गए आरोप अपने आप में किसी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष साबित नहीं करते। अंतिम स्थिति जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगी।