Bihar News : बिहार में कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान पुलिस के हथियारों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि भीड़ नियंत्रण, सामान्य विधि-व्यवस्था और आम पुलिस ड्यूटी में AK-47, इंसास और SLR जैसे असाल्ट हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इन हथियारों को अब विशेष और गंभीर परिस्थितियों तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है।
डीजीपी विनय कुमार के निर्देश के बाद पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को हथियारों के इस्तेमाल को लेकर दोबारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मकसद सिर्फ हथियारों की उपलब्धता को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच पुलिस की मौजूदगी को लेकर अनावश्यक भय कम करना भी है।
भीड़ के बीच अब छोटे हथियारों पर जोर
बिहार के 38 जिलों में पुलिस जब सामान्य विधि-व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात होगी, तब जवानों को परिस्थिति के अनुसार निर्धारित हथियारों के साथ ही ड्यूटी करने को कहा गया है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि आम लोगों के बीच अत्याधुनिक असाल्ट राइफल लेकर पुलिस की मौजूदगी कई बार तनाव और भय का माहौल पैदा कर सकती है।
इसी वजह से सामान्य गश्ती, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था से जुड़ी ड्यूटी में छोटे और निर्धारित हथियारों के इस्तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। यानी अब हर स्थिति में भारी हथियारों का प्रदर्शन जरूरी नहीं होगा।
कब इस्तेमाल होगी AK-47 और इंसास?
पुलिस मुख्यालय ने असाल्ट हथियारों पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया है। AK-47, इंसास और SLR जैसे ऑटोमेटिक या सेमी-ऑटोमेटिक हथियारों का इस्तेमाल गंभीर परिस्थितियों में किया जा सकेगा। उग्रवाद, आतंकवाद और दुर्दांत अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान जैसे मामलों में इन हथियारों की जरूरत पड़ सकती है।
इस तरह सामान्य कानून-व्यवस्था और विशेष अभियान के बीच हथियारों के इस्तेमाल की सीमा स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।
सिवान की घटना के बाद सख्ती
हथियारों को लेकर यह निर्देश ऐसे समय आया है जब बिहार बंद के दौरान सिवान में एक सिपाही द्वारा AK-47 से हवाई फायरिंग का मामला सामने आया था। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक इस फायरिंग का आदेश किसी स्तर से नहीं दिया गया था।
मामले में सिपाही अभिषेक कुमार पटेल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पुलिस मुख्यालय ने साफ संकेत दिया है कि तय नियमों से हटकर असाल्ट हथियारों का इस्तेमाल गंभीरता से लिया जाएगा।
बिहार पुलिस के लिए बदलेगा ड्यूटी का अंदाज?
पुलिस की ड्यूटी में हथियार सिर्फ सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि जनता के बीच पुलिस की छवि को प्रभावित करने वाला factor भी है। ऐसे में बिहार पुलिस की नई व्यवस्था का असर खासकर भीड़ वाले इलाकों, प्रदर्शन, जुलूस और सामान्य विधि-व्यवस्था की ड्यूटी में दिखाई दे सकता है।
पुलिस मुख्यालय पहले भी आम लोगों के बीच हथियारों के अनावश्यक प्रदर्शन को कम करने के निर्देश देता रहा है। अब असाल्ट हथियारों को विशेष अभियानों तक सीमित रखने पर जोर दिया गया है। यानी बिहार में सामान्य पुलिसिंग के दौरान अब हथियारों का प्रदर्शन कम और परिस्थिति के अनुरूप पुलिसिंग पर ज्यादा जोर दिखाई देगा।





