Bihar News: बिहार की एक महिला अपर जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपने सीनियर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाई थी. एडीटीओ ने अपने डीटीओ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद जांच बैठाई गई। जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई. अब जाकर सामान्य प्रशासन विभाग ने अपना निर्णय सुनाया है.
पिछले वर्ष लखीसराय जिले के तत्कालीन महिला अपर जिला परिवहन पदाधिकारी चांदनी श्रीकृष्ण ने जिला परिवहन पदाधिकारी लखीसराय मुकुल पंकज मणि के खिलाफ सामान्य प्रशासन विभाग से शिकायत की थी. आरोप गंभीर थे. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 8 जनवरी 2025 को लखीसराय जिलाधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगा. जिलाधिकारी ने 10 सितंबर 2025 को त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराया, जिसमें चार आरोपों की पुष्टि नहीं होने, एक एवं सात की जांच प्रक्रियाधीन होने का उल्लेख किया गया.
जांच से असंतुष्ट होते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने जिलाधिकारी लखीसराय को स्पष्ट जांच कर समेकित एवं अपने मंतव्य के साथ रिपोर्ट देने को कहा गया. इस पर जिलाधिकारी ने 15 जून 2026 को एक पूरक जांच प्रतिवेदन दिया. निष्कर्ष में बताय़ा गया कि डीटीओ मुकुल पंकज मणि ने उपस्थित होकर अपना पक्ष लिखित रूप में दिया. चांदनी अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित नहीं हुईं. उन्होंने अपना पक्ष व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराया. चांदनी ने कोई साक्ष्य भी उपलब्ध नहीं कराया. साथ ही उन्होंने इस मामले को उच्च न्यायालय एवं महिला आयोग में दायर करने की बात कही, जिसके लिए वे स्वतंत्र हैं.
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 17 जुलाई 2026 को जारी आदेश में कहा गया है कि, जिलाधिकारी लखीसराय के जांच प्रतिवेदन की समीक्षा विभाग के स्तर पर की गई. इसके बाद इस प्रकरण को संचिकास्त करने का निर्णय लिया गया. इस तरह से महिला एडीटीओ के आरोपों से जिला परिवहन पदाधिकारी बरी हो गए.






