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बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार: निगरानी की गिरफ्त में आया घूसखोर दारोगा, 10 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ धराया

Bihar Crime News: बिहार में निगरानी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सारण के डोरीगंज थाने के दारोगा को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. निगरानी के इस एक्शन के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Apr 08, 2026, 11:45:35 AM

Bihar Crime News

गिरफ्त में घूसखोर - फ़ोटो Reporter

Bihar Crime News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग का एक्शन लगातार जारी है। एक के बाद एक भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी निगरानी के हत्थे चढ़ रहे हैं। निगरानी विभाग की टीम ने एक बार फिर से भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा प्रहार करते हुए एक भ्रष्ट दारोगा को 10 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।


दरअसल, बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सारण जिले के डोरीगंज थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) मोहित कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के बाद से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


जानकारी के अनुसार, दारोगा मोहित कुमार एक मामले के निष्पादन और मदद करने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी विभाग से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी की टीम ने जाल बिछाया और दरोगा को उसके निजी आवास से रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।


चर्चा है कि गिरफ्तारी के वक्त दरोगा ने इस बात का जिक्र किया था कि उसे यह राशि 'नीचे से ऊपर तक' पहुंचानी होती है। इस बयान के बाद पुलिस विभाग के अन्य अधिकारियों और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं कि क्या इस वसूली के तार थाने के अन्य बड़े अधिकारियों से भी जुड़े हैं।


निगरानी की इस अचानक कार्रवाई से डोरीगंज थाने सहित जिला पुलिस मुख्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद टीम दरोगा को अपने साथ लेकर पटना के लिए रवाना हो गई, जहाँ उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।


निगरानी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी। आरोपी दरोगा को विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वालों पर कानून का शिकंजा कसना तय है।