1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 11, 2026, 1:26:43 PM
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Bihar News: बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार की सख्ती की बातें अक्सर सुनने को मिलती हैं। पुलिस लगातार छापेमारी करती है, लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। लेकिन मधुबनी से सामने आया एक वीडियो इस पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर रहा है। यहां एक दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद शराब मांगते हुए सुने जा रहे हैं।
यह मामला मधुबनी जिले के बिस्फी थाना का बताया जा रहा है। यहां तैनात दरोगा कमलेश राम पर आरोप है कि उन्होंने एक युवक से मोबाइल और व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर उससे शराब की मांग की।
वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो में कथित तौर पर दरोगा की आवाज साफ सुनाई दे रही है। आरोप है कि उन्होंने युवक से कहा कि अगर हम खुश रहेंगे तो आप भी खुश रहिएगा... इसके बाद दारोगा जी ने ‘चार पउआ’ की डिमांड करते हुए कहते है कि इसमें तो काम ही बन जाएगा। इस तरह की शराब की मांग की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया। मामला बढ़ता देख मधुबनी के पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दरोगा कमलेश राम को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच बेनीपट्टी के डीएसपी अमित कुमार को सौंप दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो दरोगा के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
यह घटना इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि बिहार में पिछले करीब दो दशकों से शराबबंदी कानून लागू है। राज्य में न केवल शराब पीना बल्कि इसे रखना, बेचना या सप्लाई करना भी अपराध माना जाता है। ऐसे में वही पुलिस अधिकारी, जो इस कानून को लागू कराने की जिम्मेदारी निभाते हैं, अगर खुद शराब मांगने लगें तो यह कानून की गंभीरता पर सवाल खड़े कर देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब से जुड़े मामलों में पुलिसकर्मियों के नाम पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस बार ऑडियो और वीडियो वायरल होने के कारण मामला खुलकर सामने आ गया है। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शराबबंदी की असली निगरानी कौन कर रहा है।
कुछ लोगों का कहना है कि अगर कानून लागू कराने वाले ही नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो आम जनता से सख्ती की उम्मीद कैसे की जा सकती है। यही वजह है कि यह मामला अब सिर्फ एक दरोगा तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर चर्चा शुरू हो गई है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है। फिलहाल सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।