DESK: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के दो दिन बाद हिंसा की बड़ी घटना सामने आई है। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने करीब 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें चंद्रनाथ रथ को चार गोलियां लगीं। इनमें दो गोलियां सीने को आर-पार कर गईं, जबकि एक गोली पेट में लगी। इस हमले में उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह पूरा मामला नारायणपुर ग्राम पंचायत के माखलतला इलाके का है. घटना के बाद दोनों घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी अपनी कार छोड़कर बिना नंबर प्लेट वाली बाइक से फरार हो गए। पुलिस जांच में पता चला है कि कार पर लगा नंबर भी फर्जी था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने अत्याधुनिक ग्लॉक-47 एक्स पिस्टल का इस्तेमाल किया था। माना जा रहा है कि इस तरह के हथियार का इस्तेमाल आम अपराधी नहीं, बल्कि पेशेवर शूटर करते हैं। बताया जा रहा है कि हमलावर हेलमेट पहने हुए थे, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
इसी बीच, चंद्रनाथ रथ पर फायरिंग के करीब एक घंटे बाद बशीरहाट जिले में भाजपा कार्यकर्ता रोहित रॉय पर भी हमला हुआ। गंभीर रूप से घायल रोहित का इलाज जारी है। चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में अब तक पांच लोगों की हत्या हो चुकी है, जिनमें तीन भाजपा और दो टीएमसी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने इस घटना को सुनियोजित हत्या बताया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में गुंडाराज के खिलाफ अभियान चलाएगी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए मामले की कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है।
टीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या बेहद दुखद है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पार्टी ने राज्य में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या के सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। फिलहाल पुलिस घटना की सभी बिन्दुओं की जांच में जुटी है। इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
अविवाहित चंद्रनाथ रथ पूर्वी मिदनापुर के नंदीग्राम के रहने वाले थे। 26 साल पहले माध्यमिक परीक्षा पास करने के बाद वो शॉर्ट सर्विस कमीशन से एयर फोर्स में अफसर बने थे। पहले इनका पूरा परिवार तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। बाद में एयर फोर्स से VRS लेने के बाद वो सुवेंदु अधिकारी के पीएस के रूप में काम करने लगे थे। जब सुवेंदु बीजेपी ज्वाइन किये तब चंद्रनाथ भी तृणमूल कांग्रेस छोड़ भाजपा में चले गये। फिर 2021 से चंद्रनाथ लगातार सुवेंदु के सहयोगी बनकर काम करने लगे। बेटे की हत्या से मां हासियानी रथ काफी सदमें में हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मैं खुद एक मां हूं, इसलिए मैं नहीं चाहूंगी कि किसी दोषी को फांसी दी जाए। बंगाल की नई सरकार से मैं मांग करती हूं कि मेरे बेटे के हत्यारों को उम्रकैद की सजा दी जाए।






