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सम्राट सरकार का धनकुबेर अफसरों पर प्रहार, नीतीश राज में चहेतों पर खूब बरसती थी कृपा...भ्रष्ट अफसरों को फील्ड में कौन लौटाता था ? जानें...

नीतीश राज मे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई और बाद में उन्हें फील्ड पोस्टिंग देने की व्यवस्था चर्चा में है। आर्थिक अपराध इकाई की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति और लाखों की नकदी मिलने के बावजूद कई आरोपी अधिकारियों को दोबारा मलाईदार पद मिलते रहे हैं।

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AI से सांकेतिक तस्वीर
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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar News: बिहार में आज एक बार फिर धनकुबेर अधिकारी की चर्चा है. आर्थिक अपराध इकाई ने शनिवार को भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करोड़ों की संपत्ति के अलावे चालीस लाख से अधिक नकदी मिला है. इसके बाद ईओयू की इस कार्रवाई की खूब चर्चा हो रही है. एक-दो दिनों बाद यह चर्चा खत्म हो जाएगी, कुछ समय तक आरोपी अधिकारी सस्पेंड रहेगा, फिर चुपके से भ्रष्टाचार के आरोपियों को बिना क्लिनचिट मिले ही फील्ड पोस्टिंग दे दी जायेगी. नीतीश राज में ऐसे ही होते रहा है. करप्शन केस के आरोपी अधिकारियों को ऐसे ही फील्ड पोस्टिंग मिलते रही है. इसी फार्मूले के तहत नीतीश राज में करप्शन खत्म करने के दावे किए जा रहे थे. अब सम्राट सरकार है. देखना होगा, नई सरकार भ्रष्टाचार के खात्मे को लेकर किस फार्मूले पर काम करती है. वैसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधऱी, करप्शन पर कंट्रोल को लेकर सख्त है. उन्होंने साफ कर दिया है कि करप्शन से कोई समझौता नहीं होगा. 

बिहार में करप्शन रोकने का सरकारी फार्मूला आम लोगों को हजम नहीं होती है. एक तरफ सरकार के आदेश पर जांच एजेंसियां भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है. दूसरी तरफ, मामला ठंडा नहीं हुआ ,और उस अधिकारी को फिर से फील्ड में मलाईदार जगह मिल जाती है. चहेते अधिकारियों पर तो सरकार की गजब की मेहरबानी दिखती है. नीतीश राज के अंतिम समय में भ्रष्टाचार के आरोपियों की खुल्लम खुल्ला फील्ड में मलाईजगह पोस्टिंग दी गई। ऐसे अनेकों उदाहरण हैं, जहां 2025 में भ्रष्ट अधिकारी के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी हुई. मामला ठंडा भी नहीं हुआ और नीतीश सरकार ने उस अधिकारी को दुबारा फील्ड में मनचाही पोस्टिंग दे दी. खुलासे के बाद भी तब की सरकार ने करप्शन के आरोपियों को फील्ड से नहीं हटाया. 

अब सम्राट चौधऱी की सरकार है. इन्होंने साफ कर दिया है कि करप्शन से कोई समझौता नहीं होगा. भ्रष्टाचार में लिप्त सरकारी सेवकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए इन्होंने तीनों जांच एजेंसियों को खुली छूट दे दी है. 

नीतीश राज के अंतिम दौर में करप्शन केस के आरोपी,जिनका मामला ठंडा भी नहीं हुआ, उन्हें फील्ड पोस्टिंग दी गई. आर्थिक अपराध इकाई ने जनवरी 2025 में बिहार से सबसे बड़े जेल के अधीक्षक के भ्रष्टाचार का खुलासा किया था. डीए केस दर्ज कर ईओयू ने जेल अधीक्षक के पटना-मोतिहारी समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. तब जांच एजेंसी ने दावा किया था कि करोड़ों की अवैध संपत्ति व लेन-देन का पता चला है. साल भर होते-होते सरकार ने भ्रष्टाचार के उक्त आरोपी जेल अधीक्षक पर जबरदस्त कृपा बरसाई. ऐसी कृपा जिसे देख-सुनकर आर्थिक अपराध इकाई भी हतप्रभ है. सरकार ने फरवरी 2026 में भ्रष्टाचार के आरोपी जेल अधीक्षक, जिनके खिलाफ मामला ठंडा भी नहीं हुआ, उन्हें फिर जेल अधीक्षक के रूप में फील्ड पोस्टिंग दे दी. 

इसके पहले उसी जेल के पूर्व अधीक्षक के खिलाफ 2022 में विशेष निगरानी इकाई ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया था. डीए केस दर्ज करने के बाद कई ठिकानों पर रेड हुआ था. तब जांच एजेंसी ने जेल अधीक्षक के आलीशान घर समेत अकूत संपत्ति मिलने के बारे में जानकारी साझा की थी. अब ये भी फील्ड में जेल अधीक्षक के तौर पर पोस्टिंग ले रखे हैं. 





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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता