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कौन हैं IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल? 23 साल की नौकरी के बाद जिन्हें केंद्र सरकार ने किया बर्खास्त

Padma Jaiswal: भ्रष्टाचार और सरकारी धन के गबन के आरोपों में केंद्र सरकार ने 2003 बैच की IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

Padma Jaiswal
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Padma Jaiswal: केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पद्मा जायसवाल के खिलाफ दुर्लभ और सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया है। 2003 बैच की एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर की अधिकारी पद्मा जायसवाल की बर्खास्तगी का आदेश कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सिफारिश पर भारत की राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी किया गया।


आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, DoPT सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन कार्य करता है और AGMUT कैडर के अधिकारियों से जुड़े मामलों में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) की सिफारिशों के आधार पर निर्णय लेता है। हालांकि, रिपोर्ट्स के अनुसार पद्मा जायसवाल ने ऐसे किसी आदेश या घटनाक्रम की जानकारी होने से इनकार किया है।


यह कार्रवाई करीब 18 साल पुराने मामले से जुड़ी है। मामला वर्ष 2007-08 का है, जब पद्मा जायसवाल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में उपायुक्त (डीसी) के पद पर तैनात थीं। फरवरी 2008 में स्थानीय निवासियों ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आधिकारिक पद के दुरुपयोग और सरकारी धन के गबन के गंभीर आरोप लगाए गए थे।


इन आरोपों के बाद अप्रैल 2008 में उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में अक्टूबर 2010 में उनका निलंबन बहाल कर दिया गया था। लंबे समय तक चली प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के बाद अब केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ अंतिम कार्रवाई की है।


पद्मा जायसवाल ने अपने दो दशक से अधिक लंबे प्रशासनिक करियर में अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली, गोवा और पुडुचेरी में कई अहम पदों पर जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने सेंट जेवियर्स स्कूल से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की और बाद में पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी बिजनेस School से पढ़ाई की। उनके पास एमबीए (MBA) की डिग्री है और वह इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) से प्रमाणित कंपनी सेक्रेटरी (CS) भी हैं।


इसके अलावा उन्होंने यूजीसी रिसर्च फेलो के रूप में भी कार्य किया है। उनके शैक्षणिक और शोध क्षेत्रों में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मैनेजमेंट, इंटरनेशनल अफेयर्स, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और लीगल पर्सनल मैनेजमेंट शामिल रहे हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता