ब्रेकिंग
Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी✦Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी

सपा नेता आजम खान को कोर्ट से बड़ा झटका, विवादित बयान मामले में 2 साल की सजा

Azam Khan: 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए विवादित बयान मामले में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को बड़ा झटका लगा है. रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है.

Azam Khan
आजम खान को सजा
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Azam Khan: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में बड़ा कानूनी झटका लगा है। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने तत्कालीन डीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उन्हें दोषी करार दिया है। अदालत ने आजम खान को 2 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के भोट थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था। आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान आयोजित एक जनसभा में आजम खान ने तत्कालीन डीएम को लेकर अभद्र और विवादित टिप्पणी की थी।


सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, “सब डटे रहो, यह कलेक्टर-पलेक्टर से मत डरियो। यह तनखैया है और तनखैयों से नहीं डरते। देखे हैं कई मायावती के फोटो, कैसे बड़े-बड़े अफसर रूमाल निकालकर जूते साफ कर रहे हैं। उन्हीं से गठबंधन है, उन्हीं के जूते साफ कराऊंगा इनसे, अल्लाह ने चाहा।”


इस बयान के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। आरोप लगाया गया कि चुनावी मंच से दिए गए इस बयान से प्रशासनिक गरिमा को ठेस पहुंची और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। इसके बाद भोट थाने में आजम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।


पुलिस जांच के बाद मामले में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए और उनके बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष का कहना था कि आजम खान ने सार्वजनिक मंच से सरकारी अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जो कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।


लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आजम खान को दोषी करार दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि आजम खान पहले से ही कई मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं और बीते कुछ वर्षों में उनके खिलाफ दर्ज मामलों पर कई बार अदालतों में सुनवाई हो चुकी है। ऐसे में यह फैसला उनके लिए एक और बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता