Bihar Politics: बिहार में शराबबंदी खत्म करने को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। एक तरफ जहां सर्वे रिपोर्ट ने शराबबंदी खत्म करने की वकालत की है तो वहीं दूसरी तरह सरकार की सहयोगी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बिहार में शराबबंदी का गुजरात मॉडल लागू करने की मांग कर रहे हैं। अब पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी मांझी के समर्थन में उतर गए हैं और सम्राट सरकार को शराबबंदी का नया फॉर्मूला बता दिया है।
दिल्ली से पटना पहुंचे सांसद पप्पू यादव ने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी की मांग का समर्थन कर दिया। उन्होंने कहा कि शराब से ज्यादा को ड्रग्स लोगों के जीन में और खून में चला गया है। हम तो कहेंगे कि शराबबंदी का तरीका बदलना चाहिए। शराबबंदी स्कूल और मंदिर के पास हो लेकिन जो फाइब और सेवन स्टार होटल हैं वहां तरीका चेंज कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि शराबबंदी के सही मायने में तीन फायदे हैं। एक तो नेताओं और पदाधिकारियों के साथ साथ बाहर के राज्यों को हम रेवेन्यू दे रहे हैं और हमारी खुद की रेवेन्यू खत्म हो गई। शराब तो पहले से भी ज्यादा बिक रही है। शराब का पूरा पैसा नेता, पदाधिकारी और माफिया को मिल रहा है। सरकार को इसके ऊपर पुर्नविचार करना चाहिए।
वहीं जेडीयू द्वारा शराबबंदी का सर्वे करने वाली कंपनी को लीगल नोटिस भेजने के सवाल पर पूर्णिया सांसद ने कहा कि जेडीयू सरकार में है और नीतीश कुमार की भावनाओं का सभी को सम्मान करना चाहिए। नीतीश कुमार के विचारों पर कोई सवाल नहीं है।
पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार का विचार सही है लेकिन जब भी कोई कानून बनता है तो उसकी समय समय पर समीक्षा भी होती है। इसका भी मूल्यांकन होना चाहिए कि शराबबंदी से कितना नुकसान और फायदा है। निश्चित रूप से नया कानून बनना चाहिए और शराबबंदी का तरीका चेंज होना चाहिए।
रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना





