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‘पहले हत्यारों को फांसी दो, फिर होगी नौकरी और मुआवजे पर बात’, मुख्यमंत्री के ऐलान पर बोले भरत तिवारी के परिजन

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से घोषित आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी पर असंतोष जताया है। परिजनों ने पहले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

Bharat Tiwari Encounter Case
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर के बिलौटी गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भोजपुर के भरत तिवारी के परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से घोषित आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी पर फिलहाल असहमति जताई है। परिवार का कहना है कि उनकी पहली मांग घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उन्हें सजा दिलाना है। परिवार ने कहा कि न्याय मिलने के बाद ही मुआवजे और सरकारी नौकरी के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।



भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि पहले उन सभी लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, जो उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने सभी आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की। आशा देवी के मुताबिक, इसके बाद परिवार मिल-बैठकर सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता को लेकर फैसला करेगा। उन्होंने कहा कि परिवार की प्राथमिकता इंसाफ है और आरोपियों की गिरफ्तारी व सजा के बाद ही किसी आर्थिक सहायता पर निर्णय लिया जाएगा।



भरत तिवारी की भाभी सुमन तिवारी ने भी सरकार की घोषणा पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि मामले में अभी तक केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, जबकि घटना के समय कई बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे। उनकी मांग है कि मामले से जुड़े सभी जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी हो और उन्हें सजा मिले।



सुमन तिवारी ने कहा कि परिवार मुख्यमंत्री की घोषणा से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने और घटनास्थल पर स्मारक बनाने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने कहा कि परिवार आर्थिक सहायता लेकर चुप नहीं बैठेगा और उसे इंसाफ चाहिए। उन्होंने घटना से प्रभावित विस्थापित लोगों के लिए भी उचित व्यवस्था किए जाने की मांग की।



मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देगी।



मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। अब आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार की ओर से सहायता और नौकरी देने की घोषणा की गई है।



भरत तिवारी की 17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने से मौत हुई थी। परिवार इस घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार की ओर से घोषित सहायता और नौकरी का फैसला न्यायिक जांच आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। फिलहाल परिवार की मांग और सरकार की घोषणा के बीच मुख्य मुद्दा आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में न्याय सुनिश्चित करना है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAKESH KUMAR

FirstBihar संवाददाता