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बिहार में मामा कहना बना गुनाह: 12 साल के मासूम को दारोगा और सिपाहियों ने बेरहमी से पीटा, आखिर पुलिसवालों को मामा शब्द से इतनी नफरत क्यों?

बेतिया में एक 12 वर्षीय मासूम बच्चा पुलिस की बेरहमी का शिकार बन गया। अपने ड्राइवर मामा को "मामा" कहने पर पुलिस ने बच्चे को सड़क पर ही पीट-पीटकर अस्पताल पहुंचा दिया। मामला जांच के घेरे में है।

Bihar
वाह रे बिहार की पीपुल फ्रेंडली पुलिस
© REPOTER
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BETTIAH: बिहार में अपराधी बेलगाम हो गये हैं, यही कारण है कि वो एक के बाद एक अपराध की वारदातों को लगातार अंजाम दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो चुका है। एक ओर अपराधी पुलिस से नहीं डर रहे हैं दूसरी ओर पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने के बजाय नाबालिग मासूम बच्चों पर अपना हाथ साफ कर रही है। ताजा मामला बेतिया का है जहां एक 12 साल के मासूम को दारोगा सहित पुलिस वालों ने इसलिए जमकर पिटाई कर दी कि उसे लगा कि बच्चा उसको मामा कह रहा है, जबकि मासूम बच्चा का ट्रैक्टर चालक जो कि रिश्ते में मामा लगता है। उसे मामा कहकर पुकार रहा था यह कह रहा था कि मामा मुझे भी ट्रैक्टर पर अपने साथ ले चलिये। 


बेतिया पुलिस की बेरुखी और हैवानियत की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। जहां महज 12 साल के मासूम गोलू को मामा बोलना इतना महंगा पड़ गया कि पुलिसवालों ने उसे सड़क पर ही बुरी तरह पीट-पीटकर अस्पताल पहुंचा दिया।दरअसल, मामला मटियरिया थाना क्षेत्र के शेरहवा भुसकी गांव का है। गोलू खेत में रोपनी कराकर अपने घर लौट रहा था। उसका ट्रैक्टर ड्राइवर सड़क पर आगे बढ़ चुका था, जिसे रोकने के लिए वह हंसते हुए चिल्लाया मामा ,मामा। लेकिन पीछे से गुजर रही पुलिस जीप के जवानों ने इसे अपनी बेइज्जती समझ लिया। बिना एक पल की देर किए, पुलिस वाले जीप से कूद पड़े और मासूम पर टूट पड़े।


गोलू बार-बार हाथ जोड़कर कहता रहा ट्रैक्टर वाले मेरे मामा है। हम पुलिस वाले मामा नहीं बोले हैं। लेकिन मटियरिया थाना में पदस्थापित ASI इंद्रदेव यादव अपने पुलिस जवानों के साथ इस मासूम को पीटना शुरु कर दिया। पीटते समय बेरहम पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी। लात-घूंसों और थप्पड़ों से मासूम की ऐसी पिटाई की गई कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा।


गोलू के पिता मुन्ना पटेल ने डीआईजी को लिखित शिकायत देकर कहा कि मेरा बेटा खेत से घर लौट रहा था। उसने अपने ड्राइवर को मामा कहा, पुलिस को नहीं। लेकिन इन दरिंदों ने मेरे बच्चे को मामा कहने की इतनी खौफनाक सजा दे दी कि वो अस्पताल पहुंच गया। अब आप ही बताइए, क्या बिहार में मामा शब्द बोलना भी जुर्म हो गया है। इलाके में घटना के बाद गुस्सा उबाल पर है। ग्रामीणों ने सवाल खड़ा किया है कि जब पुलिस ही मासूमों पर इस तरह का कहर बरपाएगी, तो आम जनता अपनी सुरक्षा किससे मांगेगी। फिलहाल मामला जॉच के घेरे में है। अब देखने वाली बात होगी इन पुलिसकर्मियों के ऊपर क्या कार्रवाई हैं।

बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट