BIHAR NEWS: बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: अधिकारियों को सख्त आदेश, अब नहीं चलेगी कोई ढिलाई, इन लोगों को खाली करनी होगी जमीन

बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 13 Feb 2026 12:35:11 PM IST

BIHAR NEWS: बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: अधिकारियों को सख्त आदेश, अब नहीं चलेगी कोई ढिलाई, इन लोगों को खाली करनी होगी जमीन

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BIHAR NEWS: बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा न तो स्वीकार्य है और न ही सहनीय। अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर सरकार की मंशा साफ कर दी है। उन्होंने लिखा कि सरकारी भूमि राज्य की अमूल्य संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में सरकारी जमीन संरक्षण की कार्रवाई और तेज की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं चलेगी।


दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने कहा था कि ऐसे मामलों में प्रशासनिक ढिलाई से राज्य के हित प्रभावित होते हैं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई में तेजी लाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। 


इसी के तहत अब जिलों को लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जानकारी के अनुसार, अंचल स्तर पर सरकारी जमीन की पहचान कर उसे चिन्हित किया जाएगा। जिन जमीनों पर अवैध कब्जा है, वहां विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत वाद दायर कर उन्हें मुक्त कराया जाएगा। पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी ताकि कार्रवाई में पारदर्शिता और तेजी बनी रहे।


सरकार का मानना है कि लैंड बैंक तैयार होने से औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बुनियादी ढांचे का विकास संभव होगा और जनहित की परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।


जहां तक प्राथमिकता की बात है, तो कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज सरकारी जमीन, ऐसी भूमि जिसका विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुआ है और जो निजी व्यक्तियों के अवैध कब्जे में है, उन मामलों में पहले कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि कानून के राज को स्थापित करने और कब्जामुक्त बिहार बनाने के संकल्प को हर हाल में लागू किया जाएगा।