Bihar News : दो महीने में बेटी मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी...”, पटना में नाबालिग लड़की के गुम होने के बाद 'दारोगा जी' के रवैये पर विप में उठे सवाल; जानिए सरकार ने क्या दिया जवाब

पटना के राम कृष्ण नगर थाना क्षेत्र से नाबालिग लड़की के गायब होने का मामला बिहार विधान परिषद में उठा। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 13 Feb 2026 01:47:48 PM IST

Bihar News : दो महीने में बेटी मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी...”, पटना में नाबालिग लड़की के गुम होने के बाद 'दारोगा जी' के रवैये पर विप में उठे सवाल; जानिए सरकार ने क्या दिया जवाब

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Bihar News : बिहार विधान परिषद के मौजूदा सत्र के दौरान आज एक गंभीर सामाजिक और कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला सदन में उठाया गया। यह मामला राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने उठाया। उन्होंने सदन का ध्यान पटना के राम कृष्ण नगर थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले की ओर आकर्षित किया और इसे बेहद गंभीर बताते हुए सरकार से तत्काल जवाब देने की मांग की।


सुनील सिंह ने सदन में कहा कि राम कृष्ण नगर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की अचानक गुम हो गई थी। परिवार ने अपनी बेटी की तलाश के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन जब कहीं से कोई जानकारी नहीं मिली तो अंततः मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील मामले में पुलिस की कार्यशैली बेहद लापरवाही भरी रही। उन्होंने बताया कि जब लड़की के पिता थाना पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई, तो वहां मौजूद थाना प्रभारी या अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा बेहद असंवेदनशील टिप्पणी की गई।


सुनील सिंह के अनुसार, पीड़ित पिता को यह कहा गया कि उनकी बेटी “दो महीने में मौज करके खुद ही वापस आ जाएगी” और उन्हें घर जाने की सलाह दी गई। उन्होंने इस बयान को अत्यंत शर्मनाक और अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि जब किसी परिवार की नाबालिग बेटी गायब हो जाती है तो वह परिवार मानसिक तनाव और डर के माहौल से गुजरता है। ऐसे समय में पुलिस का दायित्व संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करना होता है, लेकिन इस मामले में पुलिस का रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना नजर आया।


सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सुनील सिंह ने सरकार से मांग की कि इस मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि आखिर ऐसे मामलों में पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही कैसे तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।


इस मामले पर सदन में चर्चा के दौरान सभापति ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि सरकार इस पूरे मामले को संज्ञान में ले रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विधान परिषद सत्र के दौरान सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की जाएगी और सदन को पूरे मामले की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सभापति ने कहा कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट स्थिति सामने रखनी होगी।


यह मामला सामने आने के बाद राज्य में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार की ओर से मामले की जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है। अब सबकी नजर सरकार की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस गंभीर मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।