ब्रेकिंग
बिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीकैसी नीति: परिवहन विभाग अपने 19 अफसरों को 'पवेलियन' में बिठा कर रखा है...'अतिरिक्त प्रभार' से जिलों का चल रहा काम, ऐसे ही बिहार का खाली खजाना भरेगा ? बिहार के नगर निकायों में तैनात इन कर्मियों का होगा तबादला, सरकार ने जारी किया सख्त निर्देशBPSC शिक्षिका की संदिग्ध मौत से सनसनी, घर में पंखे से लटका मिला शव; हत्या की आशंकाबिहार में उफान पर नदियां: पटना से भागलपुर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा, कई जिलों पर खतरा मंडराया; अलर्ट मोड में सरकारबिहार में 2030 तक 13 एयरपोर्ट से उड़ानें, दिल्ली-मुंबई के लिए सीधी फ्लाइट; इन शहरों को मिलेगी कनेक्टिविटीकैसी नीति: परिवहन विभाग अपने 19 अफसरों को 'पवेलियन' में बिठा कर रखा है...'अतिरिक्त प्रभार' से जिलों का चल रहा काम, ऐसे ही बिहार का खाली खजाना भरेगा ? बिहार के नगर निकायों में तैनात इन कर्मियों का होगा तबादला, सरकार ने जारी किया सख्त निर्देशBPSC शिक्षिका की संदिग्ध मौत से सनसनी, घर में पंखे से लटका मिला शव; हत्या की आशंका

बिहार में हैरान करने वाला मामला: 24 किलो चरस कोर्ट पहुंचते ही बन गई ईंटें, जांच में SHO से लेकर मजिस्ट्रेट तक दोषी; होगा एक्शन?

Bihar Crime News: मोतिहारी में 24 किलो चरस बरामदगी का दावा 58 दिन बाद कोर्ट में ईंट में बदल गया। त्रि-सदस्यीय जांच टीम ने रेल थानाध्यक्ष से लेकर मजिस्ट्रेट तक कई अधिकारियों को दोषी पाया, विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की तैयारी।

Bihar Crime News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: बिहार में अक्सर “चूहा शराब पी जाता है” जैसे मामलों की चर्चा होती रही है, लेकिन इस बार मोतिहारी से सामने आया मामला और भी चौंकाने वाला है। यहां 24 किलो चरस जैसी मादक पदार्थ की बरामदगी का दावा किया गया, जो 58 दिनों बाद कोर्ट में जमा होने पर ‘ईंट’ निकला।


इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए गठित त्रि-सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। टीम में रेल एसपी, आरपीएफ कमांडेंट और मोतिहारी के एडीएम शामिल थे। पूरा मामला 5 मार्च को सुगौली रेल थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। 

एफआईआर, मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार जब्ती सूची और रेल डीएसपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस तक में 24 किलो चरस बरामद करने का दावा किया गया था। लेकिन जब 58 दिन बाद इसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, तो वह मादक पदार्थ की जगह ईंट निकला। जांच रिपोर्ट में इस पूरे प्रकरण में गंभीर लापरवाही और अनियमितता पाई गई है। 


रिपोर्ट के अनुसार, चरस बरामद करने वाले आरपीएफ इंस्पेक्टर, एफआईआर दर्ज करने वाले जीआरपी थाना प्रभारी, केस के आईओ (जांच अधिकारी) और जब्ती सूची तैयार करने वाले सुगौली अंचलाधिकारी दोषी पाए गए हैं। इसके अलावा रेल डीएसपी को मामले की सही ढंग से मॉनिटरिंग नहीं करने का दोषी ठहराया गया है।


रेल एसपी ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेज दी गई है। मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। 

रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता