ब्रेकिंग
सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपरसीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर

भरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

भोजपुर के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है। याचिका में निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की गई है।

बिहार न्यूज
मानवाधिकार आयोग में याचिका दर्ज
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: भोजपुर जिले में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। यह मामला अब राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। 


मानवाधिकार मामलों के अधिवक्ता एस.के. झा ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली तथा राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।


गौरतलब है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर के बाद मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं और विभिन्न संगठनों तथा राजनीतिक दलों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।


मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने अपनी याचिका में मांग की है कि एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए। साथ ही, इस पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।


उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की गई है। अधिवक्ता एस.के. झा ने कहा कि यह मामला मानवाधिकार उल्लंघन की अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है और इसकी निष्पक्ष जांच बेहद आवश्यक है।





रिपोर्टिंग
M

रिपोर्टर

MANOJ KUMAR

FirstBihar संवाददाता