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UP पुलिस रेडियो ऑपरेटर भर्ती, डिग्री और डिप्लोमा विवाद में फंसी परीक्षा रद्द

UP पुलिस रेडियो ऑपरेटर और हेड ऑपरेटर मैकेनिकल के 936 पदों पर निकली भर्ती डिग्री और डिप्लोमा विवाद में उलझकर रद्द हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने परीक्षा प्रक्रिया को निरस्त करते हुए छह महीने के भीतर इसे दोबारा आयोजित करने का आदेश दिया है।

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UP पुलिस रेडियो ऑपरेटर और हेड ऑपरेटर मैकेनिकल के 936 पदों पर भर्ती प्रक्रिया में डिग्री और डिप्लोमा योग्यता को लेकर उत्पन्न विवाद ने भर्ती को रद्द कर दिया है। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी, जिसमें 80,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से लगभग 40,000 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। हालांकि, डिग्री और डिप्लोमा धारकों के बीच योग्यता विवाद ने इस प्रक्रिया को कोर्ट तक पहुंचा दिया।


डिग्री और डिप्लोमा का विवाद

वर्ष 2021 में, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की तत्कालीन चेयरमैन रेणुका मिश्रा ने डिग्रीधारकों को आवेदन के लिए योग्य माना था। इसके विपरीत, वर्तमान चेयरमैन राजीव कृष्णा ने डिग्रीधारकों की योग्यता को अमान्य करार देते हुए इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। इससे परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा हो गया और डिग्रीधारक हाईकोर्ट पहुंचे।


कोर्ट का हस्तक्षेप

इस विवाद पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 8 जनवरी 2025 को परीक्षा रद्द कर दी। कोर्ट ने पुलिस भर्ती बोर्ड को यह स्पष्ट निर्देश दिया कि भर्ती प्रक्रिया में योग्यता मानकों में बदलाव का अधिकार केवल शासन स्तर पर है। कोर्ट ने बोर्ड को छह महीने के भीतर नई परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया।


भर्ती प्रक्रिया का प्रभाव

इस निर्णय से 936 पदों पर भर्ती के इच्छुक हजारों उम्मीदवारों को निराशा का सामना करना पड़ा है। विवाद के कारण भर्ती प्रक्रिया लंबित होने से न केवल उम्मीदवारों का समय प्रभावित हुआ है, बल्कि प्रशासनिक देरी भी हुई है।


भर्ती बोर्ड का नोटिस

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार, रद्द की गई परीक्षा को आगामी छह महीनों में पूरा करने की योजना है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया से संबंधित जानकारी उनकी आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर उपलब्ध कराई जाएगी।


आगे की राह

उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है कि वे अपनी तैयारी को बेहतर बनाएं और नई परीक्षा की प्रतीक्षा करें। यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने का वादा किया है। यह विवाद भर्ती प्रक्रियाओं में स्पष्टता और पारदर्शिता की आवश्यकता को उजागर करता है। उम्मीद है कि आगामी परीक्षा सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए सही और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी।

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