Sukanya Samriddhi Yojana: बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे माता-पिता के लिए सुकन्या समृद्धि योजना एक सरकारी बचत योजना है. इस योजना में लंबी अवधि के निवेश के जरिए बेटी की पढ़ाई और भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है.
सुकन्या समृद्धि योजना यानी SSY को खासतौर पर बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है. इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खाता खुलवा सकते हैं. खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में खोला जा सकता है.
15 साल तक करना होता है निवेश
इस योजना में खाता खुलने के बाद 15 साल तक रकम जमा करनी होती है, जबकि खाता 21 साल पूरा होने पर मैच्योर होता है. खास बात यह है कि 15 साल तक ही योगदान करना होता है, इसके बाद भी मैच्योरिटी तक खाते में ब्याज जुड़ता रहता है.
सालाना ₹1.50 लाख तक जमा करने की सुविधा
सुकन्या समृद्धि खाते में एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किए जा सकते हैं. रकम एकमुश्त या अलग-अलग किस्तों में जमा की जा सकती है. योजना के नियमों के अनुसार ब्याज दर सरकार की ओर से समय-समय पर तय की जाती है.
1.50 लाख सालाना जमा करने पर कितना फंड?
अगर बेटी के जन्म के समय से ही हर साल अधिकतम ₹1.50 लाख जमा किया जाए, तो 15 वर्षों में कुल ₹22.50 लाख का निवेश होगा. इसके बाद खाते में ब्याज जुड़ता रहेगा और 21 साल की अवधि पूरी होने पर रकम काफी बढ़ सकती है.
दिए गए ब्याज दर और गणना के आधार पर मैच्योरिटी पर करीब ₹70 लाख से अधिक का फंड बनने का अनुमान लगाया जा सकता है. हालांकि वास्तविक मैच्योरिटी राशि उस दौरान लागू ब्याज दर और जमा करने के समय पर निर्भर करेगी.
टैक्स में भी मिलता है फायदा
सुकन्या समृद्धि योजना को टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है. इसमें किए गए निवेश पर आयकर कानून के तहत निर्धारित सीमा तक टैक्स छूट मिलती है. योजना से मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी राशि पर भी लागू नियमों के अनुसार टैक्स लाभ मिलता है.
बेटी के भविष्य के लिए बनाया गया है खाता
इस योजना का उद्देश्य बेटियों के लिए लंबी अवधि की बचत को बढ़ावा देना है. जमा रकम का इस्तेमाल भविष्य में उच्च शिक्षा और विवाह जैसे बड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है. हालांकि खाते से रकम निकालने और समय से पहले बंद करने के लिए सरकार ने कुछ निर्धारित नियम और शर्तें तय की हैं.





