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बिहार में अब कामगारों के लिए नियुक्ति पत्र अनिवार्य, हर साल फ्री हेल्थ चेकअप कराएंगे नियोक्ता; इन जगहों पर लागू होंगे नए श्रम कानून

बिहार में 10 या अधिक कर्मचारियों वाले कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों में कामगारों के लिए नियुक्ति पत्र अनिवार्य होगा। नियोक्ताओं को हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच कराने के साथ सुरक्षा और कार्यदशा के नए नियमों का पालन करना होगा।

Bihar Labour Rules 2026
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Labour Rules 2026: बिहार में कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों में काम करने वाले कामगारों के लिए अब नियुक्ति पत्र अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नियोक्ताओं को हर साल अपने खर्च पर कामगारों की मुफ्त स्वास्थ्य जांच करानी होगी। राज्य सरकार ने कामगारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा को लेकर नए नियम लागू किए हैं।



प्रदेश उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यदशा नियमावली-2026 के तहत कार्यस्थल पर काम के घंटे, विश्राम, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कई प्रावधान प्रभावी किए गए हैं। इन नियमों के पालन की जांच के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की टीमें कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों का निरीक्षण करेंगी।



इन प्रतिष्ठानों पर लागू होगा नियम

नई श्रम संहिता के तहत नियुक्ति पत्र का प्रावधान कम से कम 10 कर्मचारियों वाले कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों पर लागू होगा। घरेलू और कृषि क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नए प्रावधानों के आधार पर कारखानों, प्रतिष्ठानों और दुकानों का एक विस्तृत डाटाबैंक भी तैयार किया जाएगा। इससे कामगारों और प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित करने तथा नियमों की निगरानी में मदद मिलेगी।



हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच

नए नियमों के तहत नियोक्ताओं को अपने कामगारों की हर साल स्वास्थ्य जांच अपने खर्च पर करानी होगी। इसका उद्देश्य कार्यस्थल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों की समय रहते पहचान करना और कामगारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही श्रमिकों के काम के घंटे और विश्राम की अवधि भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय होगी।



महिला को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति

महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से सभी प्रकार के प्रतिष्ठानों में काम करने का अवसर मिलेगा। उन्हें रात्रिकालीन पाली में भी काम करने की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को अनिवार्य किया गया है। नियोक्ताओं को महिला कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी। इन व्यवस्थाओं की निगरानी भी विभागीय स्तर पर की जाएगी।



अलग पंजीकरण की जगह एकल पंजीकरण

नए श्रम प्रावधानों के तहत नियोक्ताओं को अलग-अलग पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें एकल पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।



निर्माण श्रमिकों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। नियोक्ताओं को कार्यस्थल पर संभावित जोखिमों का आकलन करना होगा और कामगारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने होंगे।



इन सुरक्षा मानकों के पालन की विभागीय स्तर पर निगरानी की जाएगी। श्रम विभाग की टीमें समय-समय पर प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नए नियमों के अनुपालन की जांच करेंगी। नए प्रावधानों का उद्देश्य कामगारों को नियुक्ति से लेकर स्वास्थ्य, सुरक्षा, कार्य घंटे और आवश्यक सुविधाओं तक बेहतर संरक्षण देना है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता