Patna News: पटना के बाढ़ अनुमंडल से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बेढना गांव के सैदपुर टोला में चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना है। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह जहरीली शराब पीना बताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतकों की पहचान और मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने में जुटी है। मृतकों की पहचान रामाकांत सिंह के बेटे शशि कुमार, बिरजू राम के बेटे विकास राम, नंदे सिंह के बेटे पंकज सिंह और राजू सिंह के बेटे निशु कुमार के रूप में हुई है।
एक साथ चार लोगों की मौत से मचा हड़कंप
बताया जा रहा है कि सैदपुर टोला में एक साथ चार लोगों की मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि इन लोगों ने कथित तौर पर जहरीली शराब का सेवन किया था। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं, लोगों ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद शराब की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए हैं।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के बाद रिपोर्ट से मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मृतकों ने क्या सेवन किया था और उसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी या नहीं। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चारों मौतें जहरीली शराब पीने से हुईं या इसके पीछे कोई अन्य वजह है।
मिली जानकारी के अनुसार गांव के एक घर में शराब पार्टी चल रही थी। तभी शराब पीने के बाद मुंह से झाग आना शुरू हो गया। उसके बाद सभी को इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सभी युवकों ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतकों के परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वही पुलिस की कार्यशैली पर लोग सवाल उठा रहे हैं। कह रहे हैं कि शराबबंदी वाले राज्य में शराब कहा से आ जा रहा है। पुलिस के रहते शराब की होम डिलीवरी कैसे हो रही है? ऐसा कोई इलाका नहीं बचा हुआ है जहां शराब और सुखा नशा नहीं मिलता होगा। इस घटना से लोग काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं और मामले की जांच की मांग कर रहे हैं।
घटना से गुस्साएं लोगों ने बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन को जाम कर दिया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके कारण यातायात बाधित हो गया है। ग्रामीण मृतकों को मुआवजा देने और शराब के धंधेबाजों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि पूरे बिहार में नाम मात्र के लिए शराब बंद है, जबकि हकीकत यह है कि हर जगह शराब बिक रही है लेकिन पुलिस इसे रोक पाने में नाकामयाब साबित हो रही है। यही कारण है कि जहरीली शराब पीने से चार युवकों की मौत हो गयी है।





