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शेयर बाजार में गिरावट का नया दौर: Bears का राज, Bulls हुए बाहर

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को 22800 का स्तर टूटने के बाद से लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। सोमवार को भी में तेज गिरावट दिखी और अंतिम आधे घंटे में स्पष्ट हो गया कि अब बाजार में Bears का दबदबा है।

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सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही तेज गिरावट के साथ बंद हुए। सोमवार को सेंसेक्स 856.65 अंक यानी 1.14 फीसदी की गिरावट के साथ 74454 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 242.55 अंक यानी 1.06 फीसदी की गिरावट के साथ 22553 के स्तर पर बंद हुआ। बाजार के आंकड़े यह बताते हैं कि निवेशकों को भारी नुकसान हो रहा है, क्योंकि बीएसई पर गिरने वाले स्टॉक्स की संख्या 2811 रही, जबकि बढ़ने वाले स्टॉक्स की संख्या महज 1207 रही। इस दौरान आईटी और मेटल स्टॉक्स में 2-2 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई, जबकि बैंकिंग सेक्टर इंडेक्स में भी करीब 1 फीसदी की गिरावट आई।

बाजार के गिरावट में प्रमुख कारण एफआईआई (फॉरेन इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स) की बिकवाली को बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू सकारात्मक संकेतों के बावजूद, बैंकिंग और आईटी सेक्टर में गिरावट ने एफआईआई के बिकवाली दबाव को बढ़ा दिया है। अगर बैंकिंग और आईटी सेक्टर में कोई सुधार नहीं होता, तो बाजार में स्थिरता लाना मुश्किल होगा।

इस गिरावट का असर मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर भी दिख रहा है। मानस जायसवाल के मुताबिक, इन दोनों इंडेक्स की रिकवरी पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि यह Bear Market है और यहां उम्मीद न रखें कि आपको अपनी पूंजी वापस मिल जाएगी। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में नई खरीदारी से बचना चाहिए और अपनी पूंजी को बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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