ब्रेकिंग
नाला निर्माण में लापरवाही बनी जानलेवा, सड़क पर बिखरे पत्थरों से नाले में गिरा युवक; सीने में घुसा डेढ़ फीट लंबा सरियासम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 10 एजेंडों पर लगी मुहर; B.Ed. कॉलेजों, कुशल युवा कार्यक्रम और ग्रीनफील्ड टाउनशिप पर बड़े फैसलेभागलपुर-मधेपुरा महासेतु पर खत्म होने वाला है इंतजार, 98.7% काम पूरा; जानिए कब शुरू होगा आवागमनबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: कुशल युवा कार्यक्रम 2030-31 तक विस्तारित, AI और ड्रोन समेत नए कौशलों की ट्रेनिंगबिहार में PM किसान सम्मान निधि के लाभुकों पर संकट, लाखों किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ; जानें क्या है वजहनाला निर्माण में लापरवाही बनी जानलेवा, सड़क पर बिखरे पत्थरों से नाले में गिरा युवक; सीने में घुसा डेढ़ फीट लंबा सरियासम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 10 एजेंडों पर लगी मुहर; B.Ed. कॉलेजों, कुशल युवा कार्यक्रम और ग्रीनफील्ड टाउनशिप पर बड़े फैसलेभागलपुर-मधेपुरा महासेतु पर खत्म होने वाला है इंतजार, 98.7% काम पूरा; जानिए कब शुरू होगा आवागमनबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: कुशल युवा कार्यक्रम 2030-31 तक विस्तारित, AI और ड्रोन समेत नए कौशलों की ट्रेनिंगबिहार में PM किसान सम्मान निधि के लाभुकों पर संकट, लाखों किसानों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ; जानें क्या है वजह

ग्रेच्युटी के लिए अब नहीं करना होगा 5 साल का इंतजार, नौकरीपेशा लोगों को होगा बड़ा फायदा

DESK : कल राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले तीन प्रमुख श्रम सुधार विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस मंजूरी के बाद अब प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोग

ग्रेच्युटी के लिए अब नहीं करना होगा 5 साल का इंतजार, नौकरीपेशा लोगों को होगा बड़ा फायदा
Anamika
2 मिनट

DESK : कल राज्यसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले तीन प्रमुख श्रम सुधार विधेयकों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस मंजूरी के बाद अब प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे लोगों को ग्रेच्युटी लेने के लिए 5 साल की लिमिट खत्म हो गई है. 


सरल शब्दों में कहें तो अब कंपनी को हर साल ग्रेच्युटी देना होगा. अभी तक जो नियम था उसके मुताबिक कर्मचारी को किसी एक कंपनी में लगातार 5 साल कार्यरत रहना जरूरी था. नए प्रावधान के अनुसार जिन लोगों को फिक्सड टर्म बेसिस पर नौकरी मिलेगी, उन्हें उतने दिन के आधार पर ग्रेच्युटी पाने का भी हक होगा. मतलब ये हुआ कि कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी करने वाले कर्मचारी को भी अब ग्रेच्युटी का फायदामिल सकेगा, फिर चाहे कॉन्ट्रैक्ट कितने भी दिन का हो.


ग्रेच्‍युटी किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से मिलने वाला रिवार्ड होता है. पहले ये रकम सिर्फ उन्ही लोगों को मिलता था जो नौकरी की कुछ शर्तों को पूरा करते थे. ग्रेच्‍युटी का भुगतान एक निर्धारित फॉर्मूले के तहत गारंटीड तौर पर किया जाता है. इसका छोटा हिस्सा कर्मचारी की सैलरी से कटता है, लेकिन बड़ा हिस्सा कंपनी की तरफ से दिया जाता है.  लेकिन पहले से चली आ रही व्यवस्था के मुताबिक कोई शख्स एक कंपनी में कम से कम 5 साल तक काम  कर लेने के बाद ही इसका हकदार होता था.