PATNA: बिहार की बेटियों के साथ आए दिन हो रही छेड़खानी की घटनाओं को लेकर भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने अपने ही सरकार और यहां की पुलिस पर सवाल उठाया है। तीन महीने पहले की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने अपनी आपबीती बताई। कहा कि दूर की एक रिलेटिव लड़की को लड़का तंग कर रहा था। उस वक्त मैंने पटना के एसएसपी को 16 बार फोन किया मैसेज की लेकिन उन्होंने रिप्लाई नहीं दिया। जिसके बाद मुझे डीजीपी विनय कुमार को मैसेज करना पड़ा।
जब मैंने उस लड़के को फोन किया तो वह गाली देने लगा। फिर बेगूसराय और औरंगाबाद से दवाब बनाया जाने लगा कि मामले को आगे ना बढ़ाईए। तभी डीजीपी विनय बाबू 12 बजे रात में फोन किये पूछे की क्या बात है बताईए? लेकिन पटना एसएसपी ने कॉल बैक भी नहीं किया। हम लोग राजनीति में जनसेवा करने के लिए आए हैं नौकरी करने के लिए नहीं आए हैं। पुलिस विभाग में अच्छे ऑफिसर की जरूरत है। अच्छे ऑफिसर को ही डीजीपी और एसएसपी बनाया जाए।
BJP सांसद शंभू शरण पटेल ने आगे कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है। अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। वही पुलिस के अधिकारी जनप्रतिनिधियों का भी फोन नहीं उठाते हैं। जब सांसद और विधायक जनता की समस्या को लेकर फोन करता है तब डीएम और एसपी तक उनका फोन नहीं उठाते हैं।
नीतीश राज का जिक्र करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा कि 2005 से 2010 के बीच अपराधियों में पुलिस का खौफ था लेकिन आज स्थिति ठीक विपरित हो गई है। उन्होंने नीतीश कुमार के कार्यकाल की तारीफ की। कहा कि आज पहले जैसी पुलिसिंग नहीं दिखती है। अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो गया। जबकि बिना भय का प्रित नहीं होता है। अपराधियों में पुलिस का डर होना जरूरी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को सम्मान देना चाहिए। बिहार में अच्छे अधिकारियों की तैनाती होगी तब ही बिहार का विकास हो पाएगा।
भाजपा सांसद शंभू शरण पटेल ने फिर कहा कि बिहार में बच्चियों के साथ जो घटनाएं हो रही हैं, ये हमारे लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। ये हमारे लिए शर्म की भी बात है क्योंकि हम सत्ता में हैं। बिहार में कानून का डर अपराधियों में होना चाहिए। वर्तमान समय में जो कार्यकाल चल रहा है, उसमें मुझे लगता है कि हमारी पुलिस व्यवस्था चरमरा गई है। मैं बहुत जिम्मेदारी के साथ ये बात कह रहा हूं अपराधियों की कोई जात नहीं होती है। कोई कौन सी जाति का है और धर्म का है, उससे कोई मतलब नहीं है।
बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर बहुमत दिया है। पीएम मोदी सुशासन के लिए जाने जाते हैं। आप केंद्र में किसी भी विभाग में, किसी भी अधिकारी के पास जाइए, आपको त्वरित प्रतिक्रिया मिलेगी लेकिन उस प्रकार की व्यवस्था बिहार में नहीं दिखाई देती है। बिहार में पुलिसिंग का एकाधिकार हो चुका है। जिन लोगों के हाथ में उनके तबादले की ताकत है, वे केवल उन्हीं का फोन उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार का हमें बहुमत मिला है, उस प्रकार का बिहार में काम नहीं हो रहा है। हमें प्रदर्शन करना होगा क्योंकि बिहार की जनता ने हमें पिछले 20 साल से सत्ता में रखा है। सुशासन तो हमारी प्राथमिकता है। बिहार में अपराधियों के अंदर पुलिस का डर खत्म हो चुका है। जब तक पूरे अमले में व्यापक फेर-बदल नहीं होगी तब तक स्थिति में सुधार नहीं होगा। बिना भय का प्रित नहीं होता है। अपराधियों में पुलिस का डर होना जरूरी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों को सम्मान देना चाहिए। बिहार में अच्छे अधिकारियों की तैनाती होगी तब ही बिहार का विकास हो पाएगा।





