ब्रेकिंग
बिहार के वरिष्ठ IAS अधिकारी सी. के. अनिल को शीर्ष वेतनमान में प्रोन्नति, सरकार ने जारी की अधिसूचना‘यदि आरजेडी को छोड़ देता तो आज मैं बिहार का उपमुख्यमंत्री होता’, भाई वीरेंद्र का बड़ा दावाबिहार में शिक्षकों के तबादले पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, यूपी के टीचर के साथ नहीं होगा भेदभाव17 वर्षीय डाक कांवड़िये की मौत, सीने में दर्द के बाद जमीन पर गिरा, हार्ट अटैक की आशंकाबांका के कार्यपालक अभियंता हरेन्द्र कुमार के खिलाफ SVU की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति का खुलासाबिहार के वरिष्ठ IAS अधिकारी सी. के. अनिल को शीर्ष वेतनमान में प्रोन्नति, सरकार ने जारी की अधिसूचना‘यदि आरजेडी को छोड़ देता तो आज मैं बिहार का उपमुख्यमंत्री होता’, भाई वीरेंद्र का बड़ा दावाबिहार में शिक्षकों के तबादले पर शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान, यूपी के टीचर के साथ नहीं होगा भेदभाव17 वर्षीय डाक कांवड़िये की मौत, सीने में दर्द के बाद जमीन पर गिरा, हार्ट अटैक की आशंकाबांका के कार्यपालक अभियंता हरेन्द्र कुमार के खिलाफ SVU की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति का खुलासा

अप्रैल से दोगुनी हो सकती है घरेलू गैस की कीमत, CNG, PNG और बिजली की कीमतें भी बढ़ेंगी

DESK : अप्रैल से आम आदमी को बड़ा झटका लगने वाला है. खाना बनाने से लेकर गाड़ी चलाना या सफ़र करना सब महंगा पड़ेगा. दरअसल. दुनियाभर में गैस की भारी किल्लत हो गई है और अप्रैल में इसका

अप्रैल से दोगुनी हो सकती है घरेलू गैस की कीमत, CNG, PNG और बिजली की कीमतें भी बढ़ेंगी
First Bihar
2 मिनट

DESK : अप्रैल से आम आदमी को बड़ा झटका लगने वाला है. खाना बनाने से लेकर गाड़ी चलाना या सफ़र करना सब महंगा पड़ेगा. दरअसल. दुनियाभर में गैस की भारी किल्लत हो गई है और अप्रैल में इसका असर भारत में देखने को मिल सकता है. इससे देश में गैस की कीमत दोगुना हो सकती है. इतना ही नहीं इससे सीएनजी, पीएनजी और बिजली की कीमतें बढ़ जाएगी. साथ ही सरकार का फर्टिलाइजर सब्सिडी बिल भी बढ़ जाएगा. कुल मिलाकर इन सबका असर आम उपभोक्ता पर ही पड़ने वाला है.


ग्लोबल इकॉनमी कोरोना का कहर से बाहर निकल रही है और इसके साथ ही एनर्जी की मांग भी बढ़ रही है. लेकिन 2021 में इसकी सप्लाई को बढ़ाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए. इन कारणों से गैस की कीमत में काफी तेजी आई है. देश में घरेलू नेचुरल गैस की कीमतें हर साल अप्रैल और अक्टूबर में तय होती हैं. अप्रैल की कीमत जनवरी से दिसंबर 2021 की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर आधारित होगी.


रूस, यूरोप को गैस सप्‍लाई करने का एक बड़ा स्रोत है, यानी यूक्रेन संकट के कारण उस पर असर पड़ सकता है. वैश्विक अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के प्रकोप से बाहर जरूर निकल रही है. लेकिन दुनियाभर में ऊर्जा की बढ़ती मांग की वजह से इसकी आपूर्ति में कमी आ सकती है. यही वजह है कि गैस की कीमतों में काफी तेजी आई है.