सोनपुर: ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) की ओर से मंगलवार को सोनपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय के सामने विशाल जन आंदोलन सभा का आयोजन किया गया। रेलवे की कथित मजदूर विरोधी नीतियों, निजीकरण, निगमीकरण, नई श्रम नीति, NPS/UPS के विरोध में बड़ी संख्या में रेलकर्मी शामिल हुए।
सभा से पहले ECREU के नेतृत्व में सोनपुर स्टेशन से DRM कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। सभा की अध्यक्षता ECREU के मंडल अध्यक्ष कामरेड झुंन्नू कुमार ने की, जबकि संचालन मंडल सचिव कामरेड संदीप पासवान ने किया। इस दौरान कर्मचारियों से 9 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले जन कन्वेंशन में भाग लेने की अपील की गई।
ECREU नेताओं ने कहा कि नई श्रम नीति, चार लेबर कोड, NPS/UPS और रेलवे के निजीकरण का फैसला कर्मचारी हितों के खिलाफ है। ECREU के केंद्रीय संयुक्त सचिव एवं IREF के राष्ट्रीय सहायक महासचिव कामरेड रत्नेश वर्मा ने कहा कि रेलकर्मी अब अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने रेलवे में खाली पदों को भरने, कर्मचारियों पर काम के बढ़ते दबाव को कम करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
AILRSA के जोनल अध्यक्ष डीपी श्रीवास्तव ने कहा कि चार लेबर कोड मजदूर विरोधी कानून हैं, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है। वहीं ECREU अध्यक्ष संतोष पासवान और अन्य नेताओं ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, निजीकरण रोकने और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की मांग रखी।
आंदोलन के दौरान रेलकर्मियों ने 36 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा। इसमें NPS/UPS समाप्त कर OPS लागू करने, रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती करने, ठेका मजदूरों को समान काम के लिए समान वेतन देने, 8वें वेतन आयोग में उचित वेतन निर्धारण, कर्मचारियों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, ड्यूटी रोस्टर लागू करने और रेलवे आवास व चिकित्सा सुविधाओं में सुधार समेत कई मांगें शामिल हैं। ECREU नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ईस्ट सेंट्रल रेलवे इम्प्लाइज यूनियन (ECREU) की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया है। जिसमें इस बात का जिक्र है कि आज दिनांक-28/07/2026 दिन मंगलवार को सोनपुर के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पास रेलवे कर्मचारियों के बीच नई श्रम नीति, निजीकरण, NPS/UPS के विरोध स्वरुप विशाल ऐतिहासिक सभा संपन्न हुआ। सभा शुरू होने से पूर्व ECREU द्वारा सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध मे सोनपुर स्टेशन से DRM ऑफिस तक रैली और जुलुस निकाला गया ।सभा की अध्यक्षता ECREU के मंडल अध्यक्ष कामरेड झुंन्नू कुमार तथा संचालन सोनपुर के मंडल सचिव का• संदीप पासवान ने किया। उपस्थित रेलवे कर्मचारियों से 09 अगस्त /2026 को सभी मंडल , शाखा स्तर पर लेबर कोड, NPS/UPS, निजीकरण के विरुद्ध होनेवाले विशाल जन कन्वेंशन मे भाग लेने की अपील की गयी।
सभा के दौरान केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए खूब नारेवाजी की गयी। पूर्व मध्य रेल जोन का एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लाईज युनियन ( निबंधन संख्या -4065 ) क़े द्वारा नए लेबर कोड की वापसी, निजीकरण खत्म करने, पुरानी - पेंशन की बहाली तथा कुछ अन्य मुद्दों क़े साथ पुरे रेल जोन मे लगातार विरोध प्रदर्शन, नुककर सभा आदि किया जा रहा हैं । सभा के मुख्य अतिथि AILRSA के जोनल अध्यक्ष श्री डी• पी• श्रीवास्तव ने बताया कि चार लेबर कोड मजदूरों पऱ थोपा गया एक काला क़ानून हैं, जिसका हमलोग रेलवे के भीतर और बाहर लगातार पुरजोर विरोध कर रहे हैं। ECREU के केंद्रीय संयुक्त सचिव एवं IREF के राष्ट्रीय सहायक महासचिव का• रत्नेश वर्मा ने कहा की अब रेलवे कर्मचारी मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ पूरी तरह से एकजुट हो गए हैं। यही कारण है की केंद्र सरकार रेलकर्मी के बेसिक समस्याओं पर गंभीर हूई है।
अब रेल प्रसासन भी रेलकर्मी के कल्याण से सम्बंधित कार्यों मे तेज़ी लाये। सरकार लेबर कोड के जरिये यूनियन के अधिकारों को सीमित कर रही हैं। रेलवे मे कर्मचारियों कि भारी कमी हैं। रेलकर्मी पर अत्यधिक कार्य का बोझ हैं, जिसक़े चलते हीं कर्मिगण लगातार रन -ओवर भी हो रहे हैं। रेल - लाइन पर कार्य करनेवाले सभी रेलकर्मी को "जीवन रक्षक यन्त्र" दिया जाना चाहिए तथा एक करोड़ क़े जीवन बीमा का प्रावधान हो। जरूरत पड़ने पर मान्यता प्राप्त यूनियन पदाधिकारीयों का घेराव भी कर सकती हैं। ECREU के अध्यक्ष का• संतोष पासवान जी ने कहा पुरानी पेंशन योजना, निजीकरण / निगमीकरण, नई श्रम नीति का विरोध देशब्यापी हो रहा हैं। ECREU के सम्मानित अध्यक्ष का• बी• आर• सिंह ने कहा की इन विरोध प्रदर्शन से निश्चित ही उचित मुकाम हासिल किया जायेगा। सभा संचालक और मंडल सचिव का• संदीप पासवान ने कहा की कर्मियों का पेंशन, वेतन बढ़ोत्तरी,भत्ता, बोनस, ड्यूटी रोस्टर आदि मांगने कि चीज नहीं है। यह एक अधिकार है जिसे सरकार को स्वम लागु करना चाहिए। मंडल संयुक्त सचिव का•
अजय साह ने कहा कि ECREU /IREF/AICCTU के द्वारा लेबर कोड की वापसी , पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण बंद करने हेतु निर्णायक आंदोलन का आह्वान किया गया है। ECREU के महासचिव का• मृत्युंजय कुमार ने कहा की रेलवे कर्मचारियों पर जबरदस्ती निजीकरण / निगमीकरण थोपा जा रहा है। 55/30 क़े सर्विस रिव्यू की पॉलिसी बनाई गयी है। सरकार क़े द्वारा पहले NPS और अब UPS ला दिया गया है। O. P. S. कि चर्चा तक नहीं हो रही है। पुरे देश में सभी कर्मियों के लिए एक ही पेंशन ब्यवस्था OPS होनी चाहिए। जोनल कार्यकारी अध्यक्ष का• एस पी साहू ने कहा कि नई श्रम नीति मे कार्य के घंटे मे बढ़ोत्तरी तथा वेतन मे कटौती करने कि निति हैं।
मंडल अध्यक्ष कामरेड झुंन्नू कुमार ने कहा कि आज देश क़े मजदूरों कि स्थिति बहुत हीं दयनीय है। कई प्राइवेट ठेका मजदूरों क़ो न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पा रहा है। 29 श्रम संहिताओं क़ो हटाकर केवल 04 ( चार ) लेबर कोड बील लाकर केंद्र सरकार मजदूरों क़े हितों पर कुठाराघात कऱ रही है। का• प्रवीण कुमार ने केंद्र सरकार से मजदूरों क़े हित में नई श्रम नीति क़ो वापस लेने क़ी मांग क़ी। मंडल सचिव, सम• संजीव मिश्रा ने कहा कि रेलवे के पॉइंट्स मैन ,गेटमैंन 12 घंटे, सिग्नल आर्टिज़न स्टॉफ 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। ड्यूटी रोस्टर हीं नहीं हैं। जहां नई रेलवे लाइन बनी है, गेज परिवर्तन, विद्युतिकरण हुआ है वहां नए संशोधित BOS क़े अनुसार रेलकर्मियों कि भर्ती होनी चाहिए। सभा को सम्बोधित करनेवालों मे श्री अजय कुमार , रत्नेश कुमार वर्मा , संजीव कुमार मिश्रा , संदीप पासवान, अशोक कुमार, पिनाकी नन्दन, संतोष पासवान, बी आर सिंह आदि प्रमुख थे।
विशाल सभा मे निम्नलिखित मुद्दों पऱ चर्चा करते हुए केंद्र सरकार और रेलवे से निम्नलिखित मांग रखी गयी ।
मुद्दे - ---------=======-
1) पूंजीवाद परस्त चारों लेबर कानून को निरस्त किया जाय ।
2) NPS/UPS को समाप्त कर OPS लागू किया जाए ।
3) रेलवे में प्रतिवर्ष 2% इंप्लाई के पोस्ट को सरेंडर करने के आदेश पर अविलंब रोक लगाया जाय ।
4) रेलवे में सभी रिक्तियों को रिक्रूटमेंट के द्वारा अविलंब भरा जाय ।
5) रेलवे में कई विभागों के कार्यों को आउटसोर्स द्वारा कराना बंद किया जाय इसकी जगह नई रिक्रूटमेंट कर बहाली किया जाय ।
6) समान काम समान वेतन के तहत रेलवे में कार्यरत ठेका मजदूरों को समान वेतन दिया जाय ।
7) 8वाँ वेतन आयोग में पति-पत्नी, 2 बच्चे एवं बूढ़े मां-बाप (कुल 6 व्यक्ति) को आधार मानकर वेतन का निर्धारण किया जाय । वेतन निर्धारण फिटमेंट फेक्टर 3.5 गुना रखा जाए।
8) 2024--2025 के P.L.B. बोनस का भुगतान सातवें वेतन आयोग के वेतन को आधार मानकर किया जाए।
9)14/2 काला कानून को तत्काल समाप्त किया जाय ।
10) 55/30 के सर्विस रिव्यू पर रोक लगाया जाए ।
11) पॉइंट्समैन, गेटमेंन सहित सभी विभागों में आठ घंटा ड्यूटी रोस्टर लागु किया जाए।
12) सिग्नल एवं टेलीकौम विभाग में अनुमोदित ड्यूटी रोस्टर एवं नाईट फेलियर गैंग का प्रावधान हो।
13) सभी स्टेशनो पर आवश्यकनुसार टी•टी •ई• ट्रांजिट रूम, सिग्नल मेंटेनर रूम, टेलिकॉम मेंटेनर रूम, रनिंग स्टॉफ रेस्ट रूम आदि बनवाया जाए।
14) सभी एल • सी • गेट पर C.C.T.V. लगाया जाए।
15) टी •ए •, NDA, O.T. आदि भत्तो क़ो समय से वेतन में लगाया जाए।
16) रेलवे बोर्ड क़े निर्देश क़े अनुसार सभी ओपेन लाइन कर्मचारियों क़ो सेफ्टी शु, विंटर जैकेट, रेनकोट, बॉटर बोतल समय से मुहैया कराया जाए।
17) सेफ्टी कैटेगरी क़े स्टाफ क़े लिए सेक्शन में त्रेमासिक फेमिली सेमिनार का आयोजन किया जाए।
18) ट्रेक क्षेत्र में कार्य करने वाले सभी विभाग क़े कर्मचारीयों क़ो अविलम्ब जीवन रक्षक यन्त्र दिया जाए।
19) सभी कर्मचारियों क़े लिए रेलवे आवास, गैंग हट, टूल कक्ष सह विश्राम कक्ष बनवाया जाए।
20) रेलवे इम्पैनल्ड अस्पतालो में UMID कार्ड क़े आधार पर बिना रेफर के ईलाज हो।
21) ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार करके पारदर्शी बनाया जाए। प्रायोरिटी लिस्ट / नेमनोटिंग क़े अनुसार ट्रांसफर हो।तथा अफसरशाही बंद हो।
22) सभी विभाग क़े आर्टिज़न स्टाफ क़ो रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता दिया जाए। वर्तमान रिस्क एंड हार्डशिप भत्ता में नियमों के तहत बढ़ोतरी किया जाए।
23) सभी दर्दनाक रन -ओवर हादसों की न्यायिक / सी•बी•आई• जाँच कराई जाए तथा रेल कर्मचारियों क़ो एक करोड़ का बीमा किया जाए।
24) L. D. C. E. एवं G. D. C. E. परीक्षा प्रत्येक वर्ष लिया जाए।
25)रनिंग कर्मचारियों के BOS को संशोधित करके ड्यूटी ऑवर को कम किया जाए।
26) रनिंग कर्मचारियों के लिए लागु RAC-1980 फार्मूला को हुबहू लागु करके मायलेज भत्ता दिया जाए।रनिंग भत्ता आयकर से मुक्त हो।
27) बेवजह किए जा रहे ट्रांसफर, चार्जेशीट, सस्पेंशन, रिमूभल, छुट्टी / प्रमोशन / एरियर-भत्ता /वेतन आदि रोकने कि उच्चस्तरिए जाँच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाई कि जाए।
28) ट्रेक - निरीक्षण कार्य में की-मैन के साथ एक सहयोगी निगरानीकर्ता उपलब्ध कराया जाए।
29) बड़े अस्पतालो/शहरों में रेलवे का हॉलिडे होम स्थापित किया जाए।
30) TTE/TTI/CTTI कैटेगरी को रनिंग भत्ता प्रदान किया जाए।
31) 01-01-2020 से 31-06-2021 तक 18 माह के D.A. एरियर का भुगतान किया जाए।
32) लार्जेश स्कीम को पुनः लागु किया जाए।
33) पेट्रोल मैन का बीट स्थाई रूप से सिंगल लाइन में 02 किलोमीटर और डबल लाइन में 01 किलोमीटर किया जाए।
34) सभी विभाग के कर्मचारियों को MACP का लाभ प्रत्येक पांच (05) वर्ष पर दिया जाए।
35) महिला रेल कर्मचारियों को प्रत्येक माह नेचुरल-लिव, तथा कार्यस्थल पर अलग शौचालय वाशरूम आदि सुविधा दिया जाए।
36) रेल कर्मचारियों के सभी स्थानीय समस्या, रेलवे आवास, अस्पताल, विजली, पानी आदि कि जाँच करके इसे अभिलंब दूर किया जाए !समय समय पर, HRMS, उमीद कार्ड, सर्विस बुक का तथा फेमिली सेमिनार लगाया जाए।





