Bihar News : थानेदार साहब के रूम पर लड़की, पहना दी अपनी टोपी और थमा दिया पिस्टल, अब SP करने जा रहे बड़ी कार्रवाई

Bihar News : इस रंगीन थानाध्यक्ष की करतूत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, पुलिस महकमे में हड़कंप

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2025, 10:13:57 AM

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रंगीन दरोगा - फ़ोटो Google

Bihar News : वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां थानाध्यक्ष की एक तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में थानाध्यक्ष एक युवती को अपनी सरकारी पिस्टल थमाते और अपनी वर्दी की टोपी पहनाते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, और अब वैशाली के एसपी ललित मोहन शर्मा ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है।


जिले भर में चर्चा

वायरल तस्वीर में थानाध्यक्ष लाल-पीले रंग का जैकेट पहने हुए हैं और एक हाथ से अपनी पिस्टल युवती को दे रहे हैं, जबकि दूसरे हाथ से मोबाइल उठा रहे हैं। युवती ने थानाध्यक्ष की टोपी पहन रखी है। बताया जा रहा है कि यह तस्वीर दो-तीन महीने पुरानी है, जो ठंड के मौसम की है। हालांकि, इस तस्वीर की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है। तस्वीर के वायरल होने के बाद महुआ थाना क्षेत्र और पूरे जिले में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।


एसपी ने लिया संज्ञान

मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली के एसपी ललित मोहन शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, "महुआ थानाध्यक्ष की एक युवती के साथ तस्वीर वायरल होने की जानकारी मिली है। तस्वीर में युवती ने टोपी पहनी हुई है और हाथ में हथियार लिए हुए है। थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है, और पूरे मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।" जानकारों का कहना है कि सरकारी हथियार और वर्दी का इस तरह दुरुपयोग करना एक गंभीर अपराध है, और थानाध्यक्ष पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।


पुलिस की छवि पर सवाल

यह घटना पुलिस की अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को दर्शाती है। एक थानाध्यक्ष का अपनी सरकारी पिस्टल किसी अनजान युवती को देना और वर्दी की टोपी पहनाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह पुलिस की छवि को भी धूमिल करता है। बिहार में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। उदाहरण के लिए, 10 मार्च 2025 को झारखंड के रामगढ़ जिले में बलंगा थाना के प्रभारी विकास आर्यन और एक सहायक उप-निरीक्षक को एक व्यक्ति की पिटाई के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इस घटना से साफ है कि पुलिसकर्मियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर सख्ती की जरूरत है।