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Bihar News: महिला रोजगार योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, छात्राओं और पुरुषों के खातों में भेजे गए 10-10 हजार रुपये

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड में नाबालिग छात्राओं और गैरलाभार्थियों के खातों में योजना की राशि पहुंच गई। साथ ही कुछ खातों से अवैध निकासी भी हुई।

Bihar News: महिला रोजगार योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, छात्राओं और पुरुषों के खातों में भेजे गए 10-10 हजार रुपये
Tejpratap
Tejpratap
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Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में बड़ा फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में नौवीं और दसवीं कक्षा की कई छात्राओं के खातों में भी योजना की पहली किस्त के तहत 10-10 हजार रुपये पहुंच गए। इतना ही नहीं, कई ऐसी महिलाएं जिनका जीविका समूह से कोई लेना-देना नहीं है, उनके खातों में भी राशि जमा कर दी गई।


योजना की यह अनियमितता तब सामने आई जब लाभुकों ने बताया कि उनके खाते में रकम तो आई, लेकिन कुछ हिस्से की अवैध निकासी भी की गई। इसके पीछे एक सीएसपी संचालक का हाथ बताया जा रहा है।


छात्राओं के खातों में पैसा कैसे पहुंचा?

सहिलाबल्ली पंचायत की कई नाबालिग और अविवाहित छात्राओं के खातों में राशि पहुंच गई, जबकि वे योजना की पात्रता ही नहीं रखती थीं। शुरुआती जांच में पता चला कि उनका आधार नंबर सिस्टम में कहीं और से जुड़ गया था, जिसके चलते गलत तरीके से पैसा उनके खाते में ट्रांसफर हो गया।


यह मामला गंभीर इसलिए भी है क्योंकि इन छात्राओं के खाते में पैसा पहुंचना उनके लिए किसी लाभ का नहीं बल्कि सिस्टम में गड़बड़ी और धोखाधड़ी का संकेत है।


अवैध निकासी का आरोप

कुछ लाभुकों ने शिकायत की कि उनके खातों से 3 से 4 हजार रुपये तक की अवैध निकासी की गई। आरोप है कि एक सीएसपी संचालक ने अंगूठा लगवाकर यह राशि निकाल ली। सहिलाबल्ली पंचायत की सीएलएफ रीना देवी ने इस मामले में हथौड़ी थाना में आवेदन दिया है। पुलिस ने इसे साइबर क्राइम से जुड़ा मामला बताते हुए विस्तृत जांच की बात कही है।


सिस्टम में सेंधमारी की आशंका

औराई प्रखंड के बीपीएम राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि जिन खातों में राशि गई, उनका आधार नंबर उनके लॉगिन आईडी से मेल नहीं खाता। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य प्रखंड या स्तर से डेटा में छेड़छाड़ की गई है।


अब तक लगभग 42 हजार महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं, लेकिन कई वास्तविक लाभार्थियों के खाते खाली रहे। समूह समन्वयक प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि यह फर्जीवाड़ा सिर्फ औराई प्रखंड तक सीमित नहीं है।


पुरुषों और छात्राओं के खातों में भी पैसा

महिलाओं के बाद पुरुषों के खातों में भी राशि भेजी गई और अब नौवीं-दसवीं कक्षा की छात्राओं के खातों में भी 10-10 हजार रुपये पहुँच गए। ये छात्राएं योजना की पात्र नहीं हैं और कई नाबालिग हैं। माना जा रहा है कि सिस्टम में गलत डेटा एंट्री या मिलान की चूक के कारण ऐसा हुआ।


दरभंगा में भी सामने आया मामला

दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में भी योजना के तहत राशि कई पुरुषों के खाते में ट्रांसफर हो गई थी। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना क्या है?

बिहार सरकार की यह योजना (जिसे कुछ जगह जीविका दीदी योजना भी कहा जाता है) राज्य की महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य है कि हर परिवार की एक महिला स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने।


योजना के तहत पहली किस्त के रूप में लाभुक महिलाओं के बैंक खाते में 10-10 हजार रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। यह राशि छोटे व्यवसाय की शुरुआत, सामान खरीदने या शुरुआती निवेश के लिए दी जाती है।


दो लाख रुपये तक की आर्थिक मदद

यदि लाभार्थी महिला अपना व्यवसाय सही तरीके से चलाती है, तो समीक्षा के बाद उसे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी मिल सकती है।


राज्य प्रशासन की जांच

राज्य प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में सामने आए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा जल्द ही होने की संभावना है। अधिकारी कह रहे हैं कि इसमें डेटा सेंधमारी, गलत ट्रांसफर और अवैध निकासी जैसे कई मुद्दे शामिल हैं। हलांकि लोगों का कहना है कि इस मामले से साफ है कि सिस्टम में कमजोरी और लापरवाही के चलते योजना का पैसा असली लाभार्थियों तक नहीं पहुँच पा रहा।