Bihar-Nepal Border: बिहार घुसने की फिराक में 10 से ज्यादा आतंकी, सीमा पर हाई अलर्ट

Bihar-Nepal Border: बिहार-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी। बांग्लादेश-पाकिस्तान से 10 से ज्यादा आतंकी बिहार में घुसपैठ की फिराक में। SSB और पुलिस की निगरानी तेज, सुपौल में भी सुरक्षा कड़ी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 17, 2025, 7:40:39 AM

Bihar-Nepal Border

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar-Nepal Border: बिहार-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था अब और भी कड़ी कर दी गई है। खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान से जुड़े 10 से ज्यादा संदिग्ध आतंकी नेपाल के रास्ते ठाकुरगंज से बिहार में घुसने की फिराक में हैं। ये आतंकी जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश, हरकत-उल जिहाद अल-इस्लामी और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी जैसे कट्टर इस्लामिक संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। सुपौल, सीतामढ़ी, अररिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती जिलों में सशस्त्र सीमा बल और स्थानीय पुलिस ने निगरानी और तेज कर दी है।


इस खुफिया इनपुट के आधार पर सुपौल जिले से सटी नेपाल सीमा पर सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। SSB और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से गश्त बढ़ा दी है, खासकर वीरपुर, निर्मली और कोसी नदी के दियारा क्षेत्रों में। सुपौल के एसपी शैशव यादव ने 16 मई को भीमनगर थाने का निरीक्षण किया और रात्रि पेट्रोलिंग सहित गहन निगरानी के निर्देश दिए। किशनगंज में भी 15 किमी के दायरे में आधार वेरिफिकेशन, फिंगरप्रिंटिंग और रेटिना स्कैन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। बिहार-नेपाल सीमा पर रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक कर्फ्यू लागू है, जो अगले दो महीनों तक रहेगा।


सीमा पर यह सख्ती ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी भारत-पाक तनाव का नतीजा है, जिसके तहत 7 मई को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। नेपाल के साथ बिहार की 729 किमी लंबी खुली सीमा को हमेशा से ही संवेदनशील माना गया है। हालांकि, नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली ने भारत को भरोसा दिया है कि उनकी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होगा, लेकिन खुफिया सूचनाओं के मुताबिक ISI और बांग्लादेशी संगठन नेपाल के रास्ते घुसपैठ की साजिश रच रहे हैं।


इस दौरान प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। SSB और पुलिस की संयुक्त टीमें सीमा पर हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं, लेकिन खुली सीमा और स्थानीय सहायता से घुसपैठ की आशंका इसके बावजूद बनी हुई है।