Bihar News: सुपौल से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है यहां जिले के अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज में बीती रात एक इमरजेंसी मरीज की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और नर्स पर मना करने के बाबजूद जबरन इंजेक्शन लगाने तथा गलत उपचार करने के कारण हुई मौत का बड़ा ही गंभीर आरोप लगाया, वहीं डॉक्टर ने सभी आरोपों को निराधार बताया है।
जानकारी के अनुसार, जदिया थाना क्षेत्र के परसागढ़ी हरिनाहा वार्ड-10 निवासी नारायण मंडल की 62 वर्षीय पत्नी सुलेखा देवी को दम घुटने यानी सांस फूलने की शिकायत पर उनके परिजन बीती रात अनुमंडलीय अस्पताल लाए थे। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. शशिनंदन कुमार ने बिना सहमति के नर्स को इंजेक्शन लगाने को कहा।
जब परिजनों ने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने कथित तौर पर कहा, डॉक्टर आप हैं या हम? नर्स द्वारा इंजेक्शन लगाते ही मरीज की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजन हंगामा करने लगे और खुद ही पुलिस को फोन कर बुलाया। उन्होंने डॉक्टर पर गलत उपचार और लापरवाही से मौत का गंभीर आरोप लगाया।
वहीं, डॉ. शशिनंदन कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज की हालत पहले से ही काफी गंभीर थी। उसे देखते ही रेफर कर दिया गया था, लेकिन इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के तहत इंजेक्शन दिया गया। इसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। डॉक्टर ने कहा कि मरीज़ के परिजन जो भी आरोप लगा रहे हैं, वे पूरी तरह से बेबुनियाद हैं।





