Bihar New Expressway : बिहार के इस जिले का यूपी से बंगाल तक होगा सीधा संपर्क, रफ्तार के साथ विकास को मिलेगा आयाम

शिवहर जिले के लिए बड़ी खुशखबरी है। गोरखपुर–सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से शिवहर को यूपी और बंगाल से सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। इससे जिले के विकास, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 12 Jan 2026 02:43:10 PM IST

Bihar New Expressway : बिहार के इस जिले का यूपी से बंगाल तक होगा सीधा संपर्क, रफ्तार के साथ विकास को मिलेगा आयाम

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Bihar New Expressway : शिवहर जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से कागजी प्रक्रिया और तकनीकी अड़चनों में उलझी गोरखपुर–सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है। इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से शिवहर को न सिर्फ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से सीधा सड़क संपर्क मिलेगा, बल्कि जिले के सामाजिक, आर्थिक, व्यापारिक और औद्योगिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। यही वजह है कि इस परियोजना को लेकर शिवहर के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।


करीब तीन वर्ष पूर्व इस एक्सप्रेस-वे का सर्वे कार्य पूरा कर शिवहर जिले में सीमांकन किया गया था। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की अधिकृत एजेंसी एलएन मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड, भोपाल द्वारा सर्वे के बाद कई स्थानों पर पिलर भी लगाए गए थे। वर्ष 2025–26 में इसके निर्माण की संभावना जताई गई थी, लेकिन पूर्वी चंपारण समेत अन्य जिलों में आई तकनीकी बाधाओं के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब एक्सप्रेस-वे के रूट में हल्का बदलाव करते हुए एनएचएआई ने इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है।


इसी कड़ी में एनएचएआई की टीम शिवहर पहुंचकर जिला भू-अर्जन विभाग के साथ मिलकर काम में जुट गई है। परदेसिया, ताजपुर, सुगिया कटसरी, माधोपुर अनंत और विशुनपुर किशनदेव गांवों में एलाइनमेंट का कार्य शुरू कर दिया गया है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अनुराग कुमार रवि के निर्देशन में भू-अर्जन विभाग और एनएचएआई के अमीन जमीन की मापी कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, शिवहर अंचल के आठ और पिपराही अंचल के चार गांवों सहित कुल 12 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। लक्ष्य रखा गया है कि अगले छह महीनों के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।


गोरखपुर–सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई करीब 520 किलोमीटर होगी, जिसमें शिवहर जिले की सीमा में इसकी लंबाई 15.8 किलोमीटर निर्धारित की गई है। यह सड़क पूर्वी चंपारण जिले के पताही से शिवहर में सुगिया कटसरी के पास प्रवेश करेगी। इसके बाद माधोपुर अनंत, विशुनपुर किशनदेव, परदेसिया, ताजपुर और खैरवा दर्प के उत्तरी हिस्से से गुजरते हुए रेजमा गांव के पास शिवहर बेलवा घाट स्टेट हाईवे संख्या-54 को क्रॉस करेगी। आगे यह विशुनपुर मानसिंह, परसौनी और धर्मपुर होते हुए धनकौल गांव के पास सीतामढ़ी जिले की सीमा में प्रवेश करेगी।


यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से शुरू होकर बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में समाप्त होगी। इस तरह यह सड़क बिहार के उत्तरी हिस्से को देश के महत्वपूर्ण आर्थिक और व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी।


स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अनीश कुमार झा का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से शिवहर का चतुर्दिक विकास होगा। देकुली धाम के माध्यम से धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। देकुली धाम, जानकी स्थान और गोरखनाथ मंदिर आपस में पर्यटन की एक मजबूत श्रृंखला से जुड़ जाएंगे। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


वहीं किसानों और व्यापारियों के लिए भी यह एक्सप्रेस-वे किसी वरदान से कम नहीं होगा। किसानों के उत्पाद आसानी से अन्य राज्यों तक पहुंच सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिलेंगे। व्यापार और उद्योग को गति मिलेगी तथा कम समय में यूपी और बंगाल तक पहुंच संभव हो सकेगी।


लोजपा रामविलास के प्रदेश महासचिव रंजन कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देशभर में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार हुआ है। रामायण पथ के साथ-साथ गोरखपुर–सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे भी उसी विकासशील सोच का परिणाम है। यह एक्सप्रेस-वे बिहार के आठ जिलों से गुजरते हुए शिवहर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा और आने वाले समय में जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा।


कुल मिलाकर, गोरखपुर–सिलीगुड़ी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे शिवहर के लिए विकास, रोजगार और समृद्धि के नए द्वार खोलने जा रहा है। यदि तय समय पर भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य पूरा होता है, तो आने वाले वर्षों में शिवहर की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलती नजर आएंगी।