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Bihar Land Survey: बिहार में जमीन के दाखिल खारिज में अब नहीं होगी कोई परेशानी! सरकार ने कर दी यह बड़ी व्यवस्था, मंत्री ने खुद बताया

Bihar Land Survey: बिहार में जमीन सर्वे और दाखिल खारिज में लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए विभाग तमाम तरह के जरूरी कदम उठा रहा है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री संजय सरावगी ने खुद इसकी जानकारी दी है.

Bihar Land Survey
© reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Land Survey: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि सभी रैयतों की जमीन उनके नाम पर हो जाए इसके लिए जमीन सर्वे की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 मार्च थी बावजूद पोर्टल को खोल कर रखा गया है. अभी भी लोगो को उनके जमीन से जुड़ा जो कागजात उपलब्ध है उसके साथ अपना स्व घोषणा आवेदन जमा कर दें बाकी कागजात बाद में भी दे सकते है। 


उन्होंने कहा कि आवेदन के लिए फिलहाल सभी कागजातों की कोई जरूरत नहीं है। मंत्री गुरुवार को समस्तीपुर परिसदन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ‌उन्होंने कहा कि रैयतों के पास जमीन से जुड़ा जो डॉक्यूमेंट है उसके आधार पर आवेदन करें, स्वलिखित वंशावली दें। जमीन का दाखिल खारिज करने के लिए अब कार्यालय जाने की बिलकुल जरुरत नहीं है, सभी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। 


मंत्री ने कहा कि बिहार में जमीनी विवाद बहुत अधिक है। विशेष भू सर्वेक्षण होने पर विवाद में कमी आएगी। दाखिल खारिज के मामले में विभाग ने तय किया है कि 35 दिनों के अंदर भू स्वामी की जमीन का दाखिल खारिज हो जाएगा। अगर किसी मामले में विवाद है तो वैसे मामले में 75 दिनों के अंदर इसका निष्पादन कर दिया जाना है।


उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के दाखिल खारिज वाद को अगर कागज में कमी है तो सुनवाई के बाद सन्तुष्ट नहीं होने पर ही उसे निरस्त करना है। मंत्री ने कहा कि पूरे बिहार में अभियान बसेरा 2 चल रहा है। जिसके तहत दलित, महादलित पिछड़ा, अत्यंत पिछड़ा समाज के वैसे लोग जिनके पास जमीन नहीं है उन्हें सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। सरकार ने एक नया प्रावधान भी लाया है कि जिन पंचायत में जमीन नहीं है उन पंचायत के लोगों को जमीन खरीदने के लिए मुख्यमंत्री वास नीति योजना के तहत एक लाख रुपए चेक के माध्यम से दिया जाएगा। 


उन्होंने कहा कि ऑनलाइन चल रहे कार्यों की मॉनीटरिंग भी की जाती है बिहार में 10 ऐसे अंचल ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा दाखिल खारिज के मामले निरस्त किए गए हैं। वहां के अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण किया गया है, इससे संतुष्ट नहीं होने पर उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता