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चिटफंड घोटाले के आरोपी प्रयाग ग्रुप के चेयरमैन बासुदेव बागची की सहरसा कोर्ट में हुई पेशी, भेजे गए जेल

सहरसा चिटफंड ठगी मामले में प्रयाग ग्रुप के चेयरमैन बासुदेव बागची को कोलकाता पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर सहरसा कोर्ट लेकर पहुंची। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। उस पर करोड़ों रुपये की चिटफंड ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं।

Bihar News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: सहरसा सदर थाना कांड संख्या 207/15 के नामजद अभियुक्त प्रयाग चिटफंड कंपनी के चैयरमैन बासुदेव बागची को कोलकाता पुलिस द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर सहरसा कोर्ट में पेश किया गया। जिसके बाद उसे सहरसा जेल भेज दिया गया है। 



वासुदेव बागची कोलकाता की प्रयाग इन्फ्राटेक हाई-राइज लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन हैं। आरोपी को सहरसा कोर्ट में पेश करने के लिए रिमांड वारंट जारी करने का अनुरोध किया गया था। बंगाल की कंपनी के चैयरमैन बासुदेव बागची, एमडी लक्ष्मीकांत मिश्रा खिलाफ आरोप है कि उसने 2013 में जमाकर्ताओं का करोड़ों रुपया लेकर भाग चुकी है। 



पटुआहा निवासी विकास चंद्र मिश्रा व उनकी पत्नी राखी मिश्रा करीब सात लाख 56 हजार रूपये ठगी का शिकार हुए थे। जिसके बाद उन्होंने सदर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था। प्रयाग इन्फोटेक हाई-राइज लिमिटेड (प्रयाग ग्रुप) के चेयरमैन बासुदेव बागची और उनके बेटे को प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 28 सौ करोड़ से अधिक के चिटफंड घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।



उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के अवैध पोंजी स्कीमें चलाईं। मासिक आय योजना, रिडीमेबल प्रिफरेंस शेयर्स और क्लब मेंबरशिप के नाम पर लाखों निवेशकों से भारी रिटर्न का लालच देकर पैसे वसूले। 2017 में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। जिसमें जमानत मिलने के बाद में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत नया मामला दर्ज कर नवंबर 2024 में कोलकाता और मुंबई में छापेमारी कर गिरफ्तार किया था।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता