Hindi News / bihar / saharsa-news / इंडिया गेट पर पॉपकॉर्न बेचते बिहार के सिकंदर से मिले सोनू सूद, बच्चों...

इंडिया गेट पर पॉपकॉर्न बेचते बिहार के सिकंदर से मिले सोनू सूद, बच्चों की पढ़ाई का उठाया जिम्मा

सोनू सूद को लोग गरीबों का मसीहा कहकर बुलाते हैं। वो हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए खड़े रहते हैं। इस बार सहरसा के सिकंदर के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उन्होंने उठाया है। कहा कि खूब पढ़ेंगे यार हमलोग हैं ना टेंशन क्यों लेता है।

1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Feb 03, 2025, 8:07:44 PM

BIHAR

सोनू सूद करेंगे मदद - फ़ोटो GOOGLE

saharsa news: बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की दरियादिली के चर्चे अक्सर होते हैं। लोग उन्हें गरीबों का मसीहा और फरिश्ता भी कहकर बुलाते हैं। एक बार फिर से सोनू सूद चर्चा में बने हुए हैं। इस बार बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले सिकंदर से किये वायदे को लेकर वो चर्चा में बने हुए हैं। दरअसल दिल्ली के इंडिया गेट पर साइकिल पर पॉपकॉर्न और कैंडी बेचकर सिकंदर बिहार में रह रहे अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।


दरअसल, सोनू सूद इन दिनों अपनी फिल्म फतेह की शूटिंग दिल्ली में कर रहे हैं। शूटिंग के दौरान जब उन्होंने सिकंदर को साईकिल पर सामान बेचते देखा तो अपने आप को रोक नहीं पाए। वह तुरंत सिकंदर के पास पहुंचे और उनसे बातचीत शुरू की। सोनू सूद ने पहले सिकंदर से उनका परिचय जाना, फिर उनके परिवार की स्थिति के बारे में पूछा। बातचीत के दौरान सिकंदर ने बताया कि वह अपने तीन बेटों को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा। यह सुनकर सोनू सूद ने सिकंदर को आश्वासन दिया कि उनके बच्चों की पढ़ाई की चिंता अब उन्हें करने की जरूरत नहीं है। इस वादे को सुनकर सिकंदर खुशी से झूम उठे। 


इस मुलाकात का वीडियो सोनू सूद ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी साझा किया। वीडियो सामने आते ही यह वायरल हो गया और सोनू सूद की दरियादिली की फिर से चर्चा होने लगी। लोग सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं और उन्हें गरीबों का मसीहा बता रहे हैं। बता दें कि मो. सिकंदर दिल्ली के इंडिया गेट सहित अन्य स्थानों पर साइकिल पर पॉपकॉर्न और अन्य खाद्य सामग्री बेचते हैं। अपनी मेहनत से कमाए गए पैसों से वह अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।


 परिवार से दूर रहकर वह कड़ी मेहनत कर रहे थे, लेकिन बच्चों की पढ़ाई की चिंता उन्हें हमेशा सताती थी। अब सोनू सूद के सहयोग से उनके सपनों को नई उड़ान मिली है। सोनू सूद पहले भी जरूरतमंदों की मदद के लिए जाने जाते हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने प्रवासी मजदूरों की मदद की थी, जिसके बाद से लोग उन्हें गरीबों का मसीहा मानने लगे। अब एक बार फिर उन्होंने सिकंदर के बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाकर यह साबित कर दिया कि वह सच में इंसानियत के मिसाल हैं।