सहरसा: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने मादक पदार्थ और शराब की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग ट्रेनों से गांजा और विदेशी शराब बरामद की है। आरपीएफ ने राज्यरानी एक्सप्रेस से 14.02 किलोग्राम गांजा और वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच से 18.75 लीटर विदेशी शराब जब्त की। बरामद गांजा और शराब की कुल अनुमानित कीमत करीब 7.25 लाख रुपये बताई गई है।
राज्यरानी एक्सप्रेस से 14 किलो गांजा बरामद
आरपीएफ के अनुसार, 30 अगस्त को रेल मदद के माध्यम से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15509 में एक लावारिस बैग संदिग्ध अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद सहरसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार पांडेय, उप निरीक्षक सुजीत कुमार मिश्रा और आरक्षी संजय कुमार को ट्रेन की जांच करने का निर्देश दिया।
मादक पदार्थ होने की आशंका को देखते हुए उत्पाद विभाग, सहरसा को भी सूचना दी गई। ट्रेन के सहरसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंचने के बाद कोच संख्या डी-04 की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान एक लावारिस बैग से 14.02 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
उत्पाद विभाग की टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गांजा को जब्त कर आगे की कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में ले लिया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई है।
वैशाली एक्सप्रेस से 18.75 लीटर विदेशी शराब जब्त
दूसरी कार्रवाई में अपराध आसूचना शाखा, समस्तीपुर से आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15566 वैशाली एक्सप्रेस के जनरल कोच में शराब छिपाकर ले जाई जा रही है।
सूचना के आधार पर सहरसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने मानसी से ललितग्राम के बीच तैनात आरपीएफ मार्गरक्षण दल को अलर्ट कर ट्रेन पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया।
ट्रेन रात करीब 11:14 बजे सहरसा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची। मार्गरक्षण दल की निशानदेही पर जनरल कोच संख्या 255975/सी में छत पर लगे इलेक्ट्रिक बॉक्स की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वहां छिपाकर रखी गई रॉयल स्टैग ब्रांड की 25 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई।
जब्त शराब की कुल मात्रा 18.75 लीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपये है। आरपीएफ ने शराब जब्त करने के बाद उसे उत्पाद विभाग, सहरसा के हवाले कर दिया।
दोनों मामलों में जांच जारी
आरपीएफ के अनुसार, दोनों मामलों में जब्त गांजा और शराब को उत्पाद विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरपीएफ की इस कार्रवाई से ट्रेनों के जरिए मादक पदार्थ और शराब की तस्करी करने वालों के खिलाफ निगरानी और सख्त किए जाने के संकेत मिले हैं।





