मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित जिला स्कूल, दाऊदपुर कोठी में शिक्षकों की कार्यशैली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के दावों के बीच स्कूल के कुछ शिक्षकों ने ही यहां की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. आरोप है कि वर्षों से एक ही स्कूल में जमे कुछ शिक्षक नियमित रूप से कक्षाएं नहीं लेते और क्लासरूम का इस्तेमाल पढ़ाने के बजाय आराम करने के लिए करते हैं.
क्लास लेने के बजाय आराम करने का आरोप
स्कूल के कुछ शिक्षकों का आरोप है कि विद्यालय में कई शिक्षक नियमित रूप से अपनी कक्षाएं नहीं लेते हैं. बच्चों को समय से पहले छुट्टी दिए जाने की भी बात कही गई है. आरोप है कि बच्चों के स्कूल से निकलने के बाद कुछ शिक्षक क्लासरूम में बैठकर आराम करते हैं और मोबाइल चलाने में व्यस्त रहते हैं.
शिक्षकों का दावा है कि यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि लंबे समय से स्कूल में बनी हुई है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
परीक्षा के नाम पर पैसे लेने का भी आरोप
स्कूल की व्यवस्था को लेकर एक और गंभीर आरोप सामने आया है. कुछ शिक्षकों ने छात्रों से परीक्षा के नाम पर कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे लिए जाने का आरोप लगाया है. इस संबंध में एक वीडियो सामने आने की बात भी कही जा रही है.
हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस मामले में स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है.
नए शिक्षकों ने लगाए दबाव और धमकी के आरोप
स्कूल में हाल के दिनों में तैनात कुछ नए शिक्षकों ने भी काम के माहौल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वे नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करने के दौरान उन्हें कथित तौर पर दबाव और धमकी का सामना करना पड़ता है.
नाम नहीं बताने की शर्त पर एक शिक्षक ने आरोप लगाया कि स्कूल में कुछ पुराने शिक्षक लंबे समय से तैनात हैं और उनकी प्राचार्या से नजदीकी है. शिक्षक का दावा है कि इसी वजह से उनके खिलाफ की जाने वाली शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती.
स्कूल समय में कोचिंग पढ़ाने का आरोप
कुछ शिक्षकों पर स्कूल के निर्धारित समय में बाहर जाकर कोचिंग पढ़ाने का भी आरोप लगाया गया है. आरोप लगाने वाले शिक्षकों का कहना है कि यदि शिक्षक स्कूल में अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएं तो बच्चों की पढ़ाई का स्तर बेहतर हो सकता है.
हालांकि, इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित शिक्षकों का पक्ष सामने आना बाकी है.
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और बच्चों की पढ़ाई को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से लगातार निगरानी और व्यवस्था में सुधार की बात कही जाती है. ऐसे में जिला स्कूल, दाऊदपुर कोठी में शिक्षकों पर लगे आरोपों ने विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.
अब देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है. यदि शिकायतों की जांच होती है तो स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षाओं के संचालन, परीक्षा के नाम पर कथित वसूली और स्कूल समय में बाहर जाकर कोचिंग पढ़ाने जैसे आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है.
शिक्षकों के इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल जिला स्कूल की व्यवस्था को लेकर सामने आई शिकायतों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर बहस जरूर शुरू कर दी है.





