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एक हाथ में कानून, दूसरे में ममता: अतिक्रमण हटाने पहुंचीं महिला सीओ ने बच्चे को गोद में उठाया, कहा..' बेटा खूब पढ़ना और बड़े होकर CO बनना'

मोतिहारी के पताही प्रखंड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान सीओ नाजनी अकरम ने एक महिला की मदद के लिए उसके बच्चे को गोद में उठा लिया। उनके इस संवेदनशील व्यवहार की इलाके में खूब सराहना हो रही है।

बिहार न्यूज
इंसानियत की मिसाल बनीं नाजनी अकरम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

EAST CHAMPARAN: सोशल मीडिया पर पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जो इलाके की सीओ नाजरी अकरम का है, अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत वो बुलडोजर लेकर अतिक्रमणकारियों को हटाने पहुंची थीं, तभी एक बच्चे को वो गोद में ले लेती है, और उसे कहने लगती है कि बेटा तुम खूब पढ़ना और बड़े होकर सीओ बनना। सीओ के इस व्यवहार ने मौके पर मौजूद लोगों का दिल छू लिया।


पूर्वी चंपारण जिले के पताही प्रखंड में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों का दिल जीत लिया। जहां एक ओर प्रशासनिक टीम सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने में जुटी थी, वहीं दूसरी ओर अंचलाधिकारी (सीओ) नाजनी अकरम ने अपनी संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार से लोगों को प्रभावित कर दिया।


दरअसल, बोकानेपट्टी गांव में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे को संभालते हुए घर का सामान हटाने में लगी थी। बच्चे और सामान दोनों को एक साथ संभालने में उसे काफी परेशानी हो रही थी। महिला की यह स्थिति देखकर सीओ नाजनी अकरम तुरंत उसके पास पहुंचीं और बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया, ताकि महिला आराम से अपना सामान समेट सके।


'खूब पढ़ना और बड़े होकर सीओ बनना'

बच्चे को गोद में लेकर सीओ नाजनी अकरम उससे स्नेहपूर्वक बातें करती रहीं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "बेटा, खूब मन लगाकर पढ़ना-लिखना और बड़े होकर सीओ बनना, ताकि लोगों की सेवा कर सको।" सीओ के इस व्यवहार ने मौके पर मौजूद लोगों का दिल छू लिया।


अतिक्रमण हटाने के दौरान दिखी संवेदनशीलता

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान आमतौर पर तनावपूर्ण माहौल देखने को मिलता है, लेकिन नाजनी अकरम के इस कदम ने पूरे वातावरण को सकारात्मक बना दिया। बच्चा भी उनकी गोद में पूरी तरह सहज नजर आया और खेलता रहा, जबकि उसकी मां बिना किसी चिंता के अपना सामान समेटने में जुट गई।


'ड्यूटी के साथ इंसानियत भी जरूरी'

इस पूरे घटनाक्रम पर सीओ नाजनी अकरम ने कहा, "अतिक्रमण हटाना हमारी जिम्मेदारी है, लेकिन इंसानियत भी उतनी ही जरूरी है। मैंने देखा कि महिला को बच्चा संभालने और सामान हटाने दोनों में दिक्कत हो रही थी, इसलिए मैंने बच्चे को गोद में ले लिया। हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि कानून और नियमों का पालन कराना है।"


शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई कार्रवाई

बोकानेपट्टी गांव में पहले से तय कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक टीम जेसीबी और पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन सीओ ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत रखा और अभियान सफलतापूर्वक पूरा कराया। सीओ नाजनी अकरम के इस मानवीय व्यवहार की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती के बीच संवेदनशीलता का ऐसा उदाहरण बहुत कम देखने को मिलता है।


ग्रामीण का कहना था कि मैंने पहली बार किसी अधिकारी को इस तरह जनता के बीच घुलते-मिलते देखा है। सीओ मैडम ने बच्चे को गोद में लेकर सबका दिल जीत लिया। ऐसे अधिकारियों से जनता और प्रशासन के बीच भरोसा मजबूत होता है। नाजनी अकरम की यह पहल अब प्रशासनिक दायित्वों के साथ मानवीय संवेदनाओं के संतुलन की मिसाल बन गई है।


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