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बेऊर जेल से रिहा हुए तेज प्रताप यादव, बिहार बंद हिंसा मामले में मिली बड़ी राहत

बिहार बंद हिंसा मामले में न्यायिक हिरासत में रहे जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव को पटना की बेऊर जेल से रिहा कर दिया गया। छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने के सरकारी फैसले के बाद उनकी रिहाई हुई।

बिहार न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल और जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव बेऊर जेल से बाहर निकल गये हैं। जेल से निकलने के बाद वो आवास की ओर रवाना हुए हैं। बता दें कि नीट पेपर लीक के विरोध में 25 जुलाई 2026 को बुलाए गए बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शनकारियों को उकसाने के आरोप में जनशक्ति जनता दल (JJD) के प्रमुख तेजप्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में पटना की बेऊर जेल में रखा गया था। 


पटना सिविल कोर्ट में तेजप्रताप यादव की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था। पटना पुलिस ने गांधी मैदान थाने में तेजप्रताप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), 121 (दंगा) और 132 (सरकारी कार्य में बाधा) समेत 12 से अधिक गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। लेकिन तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारी छात्रों पर किये गये केस को वापस लेने और उन्हें रिहा करने की मांग सरकार से की थी।


 कहा था कि यदि इस पर संज्ञान नहीं लिय गया तो वो सड़क पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि रिहाई नहीं हुई तो 30 जुलाई से राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। जिसके बाद बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। उधर तेजप्रताप यादव को बेऊर जेल के विशेष डिवीजन वार्ड में रखा गया था। जहां सीने में दर्द, घबराहट, शुगर और बीपी की शिकायत के बाद डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी। मंगलवार की शाम में उनकी रिहाई का आदेश आ गया। जिसके बाद तेज प्रताप को बेऊर जेल से रिहा किया गया।

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