1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 06:43:47 PM IST
दारोगा संतोष रजक से घंटों पूछताछ - फ़ोटो social media
SARAN: बिहार के सोनपुर में बीते दिनों एक नवविवाहिता का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। जिस महिला का शव मायके के दरवाजे पर मिला था, उस महिला की शादी महज 9 महीने पहले हुई थी। सुबह में जब मायकेवालों ने घर का दरवाजा खोला तो महिला का शव देख रूह कांप गया। घर में लगे सीसीटीवी से पता चला कि आधी रात एक काली स्कॉर्पियो से कुछ लोग आए और शव को घर के बाहर फेंककर मौके से फरार हो गए। काली स्कॉर्पियो पर पुलिस का स्टीकर लगा हुआ था। जिसके बाद जांच के क्रम में पुलिस ने काली स्कॉर्पियो को बरामद कर लिया।
सारण जिले के सोनपुर थाना क्षेत्र में हुए सरिता हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी के संदेह के दायरे में आए मुजफ्फरपुर के पानापुर करियात थाने में पदस्थापित दारोगा संतोष रजक को सारण पुलिस की एसआईटी ने हिरासत में लेकर बुधवार की देर शाम से देर रात तक घंटों गहन पूछताछ की। पूछताछ के दौरान घटना के समय दारोगा की लोकेशन, उस दौरान किन-किन लोगों से उसकी बातचीत हुई और मुख्य आरोपी सत्येंद्र से उसके संबंधों को लेकर विस्तार से सवाल-जवाब किए गए।
एसआईटी ने दारोगा संतोष रजक द्वारा पूछताछ में दी गई जानकारियों को अब तकनीकी साक्ष्यों के जरिए सत्यापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस सत्यापन में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। सारण पुलिस का कहना है कि तकनीकी सत्यापन पूरा होने के बाद ही दारोगा की भूमिका को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि घटना से पहले और बाद में दारोगा और आरोपी सत्येंद्र के बीच किसी तरह का संपर्क या बातचीत हुई थी या नहीं।
दो साल पहले करताहां थाने में थे तैनात
इधर, पानापुर करियात थानेदार साहुल कुमार ने बताया कि दारोगा थाने में हैं। सारण पुलिस को कॉपरेट कर रहे हैं। पूछताछ पूरी कर ली गई है। वहीं, दारोगा संतोष रजक का कहना है कि वह वहां दो साल पहले 8 से 10 माह करताहां थाने में रह चुके हैं। उसी दौरान आरोपी से उसकी पहचान हुई थी। वह अक्सर मेरी गाड़ी लेकर जाता था। जिस गाड़ी से डेड बॉडी हत्या कर फेंका है वहीं गाड़ी मेरी है।
संपत्ति रजिस्ट्री और पैसे के लिए हुई थी हत्या
पुलिस सूत्रों की माने तो जमीन रजिस्ट्री और पैसे के लिए अनुदान में आरोपी पति सत्येंद्र ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर की थी हत्या। हत्या के बाद दरोगा संतोष रजक के ब्लैक कलर की स्कॉर्पियो से पुलिस स्टीकर लगा हुआ उसके दरवाजे पर जाकर डेड बॉडी को देखा था और बड़े आराम से भाग गया था इसका सीसीटीवी सामने आने के बाद दरोगा ने स्वीकार किया कि मेरी गाड़ी है।
अवैध शराब तस्करी में जा चुका है सत्येंद्र जेल
हत्यारोपी सत्येंद्र पूर्व में अवैध शराब कारोबार में जेल जा चुका है और उसके ऊपर कई कांड दर्ज हैं दरोगा संतोष रजक का गाड़ी चलाता था और पूरे इलाके में पुलिस का रौब दिखता था। शराब के कांड में जेल गया सत्येंद्र और आधा दर्जन के आसपास विभिन्न कांड दर्ज है बावजूद इसके दरोगा संतोष रजक ने उसे अपना निजी चालक बना रखा था। इसी पुलिसिया रसूख के कारण वह अपने इलाके में चर्चित था और सब की निजी गाड़ी लेकर घूमते रहता था और हत्या करने और शव को मृतका के दरवाजे ले फेकने में भी उसी स्कॉर्पियो गाड़ी का प्रयोग किया।
मनोज कुमार की रिपोर्ट