बिहार में बालू घाटों के संचालन की समीक्षा: खान एवं भूतत्व मंत्री की अध्यक्षता में SEIAA एवं BSPCB की बैठक

बिहार में बालू घाटों के संचालन और पर्यावरणीय स्वीकृति की समीक्षा के लिए उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने SEIAA और BSPCB के साथ राज्य स्तरीय समन्वय बैठक की। समयबद्ध स्वीकृतियों, राजस्व हित और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 07:28:09 PM IST

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बालू घाट की समीक्षा - फ़ोटो social media

PATNA: पटना में आज बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में SEIAA एवं BSPCB के साथ राज्य स्तरीय बैठक हुई। बिहार में बालू घाटों के संचालन की समीक्षा की गई। इस मौके पर खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बालू घाटों के संचालन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने वाले संगठित तत्वों पर उनकी नज़र है। इस दौरान विभागीय समन्वय सुदृढ़ कर समयबद्ध स्वीकृतियों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि राजस्व हित एवं पर्यावरण संरक्षण का संतुलन ज़रूरी है।


बिहार में बालू घाटों के संचालन, पर्यावरणीय स्वीकृति (EC), लंबित प्रकरणों की समीक्षा के उद्देश्य से आज उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में State Environment Impact Assessment Authority  (SEIAA), बिहार एवं Bihar State Pollution Control Board (BSPCB), Patna के साथ एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।


बैठक में आलोक कुमार, सदस्य सचिव, SEIAA, मनोरंजन कुमार एवं ए.के. गुप्ता, क्षेत्रीय पदाधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, चंदन कुमार, तकनीकी पदाधिकारी, SEIAA, मनेश कुमार मीणा, निदेशक, खान एवं भूतत्व विभाग सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।


बैठक में राज्य में बालू घाटों के वर्तमान संचालन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। अवगत कराया गया कि राज्य में कुल 1004 बालू घाट सृजित हैं, जिनमें से वर्तमान में 191 बालू घाट संचालित हैं एवं राज्यान्तर्गत 189 बालूघाट विभिन्न स्तरों पर वैधानिक अनापत्ति प्राप्त नही होने के कारण असंचालित है। वैधानिक स्वीकृतियों के अभाव में बड़ी संख्या में बालू घाटों के असंचालित रहने के कारण राज्य सरकार को निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल करने में मुश्किल आ रही है।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू घाटों की बंदोबस्ती एवं संचालन प्रक्रिया में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने वाले संगठित तत्वों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी तत्व प्रशासन की सतत निगरानी में हैं तथा तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य सरकार किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब या व्यवधान को कतई स्वीकार नहीं करेगी।


विगत तीन वित्तीय वर्षों में बालू से प्राप्त राजस्व की भी समीक्षा की गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य की तुलना में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 21 जनवरी 2026 तक बालू से प्राप्त राजस्व लक्ष्य का 60 प्रतिशत से अधिक समाहरण किया जा चुका है। 


उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्यावरणीय स्वीकृति, जनसुनवाई, सभी प्रक्रियाओं में विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाते हुए समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पूर्ण अनुपालन करते हुए वैध खनन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु SEIAA, BSPCB एवं खान एवं भूतत्व विभाग के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाएँगी, ताकि बालू घाटों का संचालन शीघ्र प्रारंभ हो सके और राज्य के राजस्व हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।