Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, बनी रहेगी माता सरस्वती की कृपा

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी 2026 पर जानें कौन-कौन सी 5 शुभ चीजें घर लानी चाहिए। माता सरस्वती की कृपा पाने और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए पीली कौड़ियां, पीले फूल, मोरपंखी, विवाह से जुड़ी चीजें और मूर्ति का महत्व।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 22, 2026, 6:04:40 PM

Basant Panchami 2026

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Basant Panchami 2026: हर साल माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर बसंत पंचमी मनाई जाती है। यह पावन पर्व ज्ञान, बुद्धि, वाणी और विद्या की देवी सरस्वती को समर्पित होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही माता सरस्वती प्रकट हुई थीं। 


बसंत पंचमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि साल का शुभ मुहूर्त भी माना जाता है। इस दिन कुछ विशेष चीजें घर लाना अत्यंत शुभ माना गया है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में बसंत पंचमी पर घर लाने योग्य पांच चीजें..


1. पीली कौड़ियां

बसंत पंचमी के दिन पांच पीली कौड़ियां घर लानी चाहिए। इन्हें माता लक्ष्मी के चरणों में रखकर धन, धान्य और संपन्नता की प्रार्थना करें। इसके बाद कौड़ियों को तिजोरी में रख दें। ऐसा करने से घर में धन का प्रवाह बना रहता है।


2. विवाह से जुड़ी चीजें

अगर घर में सगाई या विवाह होने वाला हो तो उससे जुड़ी खरीदारी बसंत पंचमी के दिन करनी चाहिए। ऐसा करने से विवाह या दांपत्य जीवन में कभी समस्या नहीं आती।


3. पीले फूल

पीला रंग बसंत ऋतु और माता सरस्वती दोनों को प्रिय माना जाता है। इस दिन पीले फूल या फूलों की माला माता को चढ़ाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और पढ़ाई-लिखाई करने वालों की एकाग्रता बढ़ती है।


4. मोरपंखी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, मोरपंखी का पौधा बहुत शुभ होता है। इसे जोड़े में घर में लाएं और ड्रॉइंग रूम या मेन गेट के पास रखें। इससे बच्चों की एकाग्रता और बुद्धि में वृद्धि होती है।


5. मां सरस्वती की मूर्ति

बसंत पंचमी के दिन घर में मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। वास्तु अनुसार इसे ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में रखें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और विद्या का संचार होता है।


पर्व की तिथि 2026:

माघ माह की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को सूर्योदय से विद्यमान रहेगी।

तिथि की शुरुआत: शाम 06:15 बजे

तिथि का समापन: रात 08:30 बजे


Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। फर्स्ट बिहार इसकी पुष्टि नहीं करता।