PU Election 2025 : पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव स्थगन आदेश वापस, 28 फरवरी को ही होगी वोटिंग

पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव स्थगन का आदेश वापस ले लिया गया। अब 28 फरवरी को ही होगी वोटिंग। शिक्षक मारपीट के बाद मचा था हंगामा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 22 Feb 2026 07:15:52 AM IST

PU Election 2025 : पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव स्थगन आदेश वापस, 28 फरवरी को ही होगी वोटिंग

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PU Election 2025 : पटना विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव को लेकर शनिवार को उत्पन्न हुआ सस्पेंस कुछ ही घंटों में खत्म हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले चुनाव स्थगित करने की अधिसूचना जारी की, लेकिन छात्र संगठनों के तीखे विरोध और हंगामे के बाद इसे वापस ले लिया। अब पीयू छात्र संघ चुनाव की वोटिंग अपनी पूर्व निर्धारित तिथि 28 फरवरी को ही कराई जाएगी। इस फैसले से चुनावी मैदान में उतरे विभिन्न छात्र संगठनों और प्रत्याशियों को बड़ी राहत मिली है।


दरअसल, छात्र संघ चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया 16 से 18 फरवरी तक पूरी की गई थी। 19 फरवरी को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी भी हो चुकी थी और 21 फरवरी को पात्र उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जानी थी। इसी बीच शनिवार शाम विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एक अधिसूचना जारी कर चुनाव को अगले आदेश तक स्थगित करने की घोषणा कर दी गई।


अधिसूचना में कहा गया था कि पिछले कुछ दिनों के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में अमर्यादित और अप्रत्याशित घटनाएं हुई हैं। चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है, जिसके कारण छात्र संघ चुनाव 2025-26 को फिलहाल टाला जा रहा है। प्रशासन ने यह भी उल्लेख किया था कि चुनाव प्रचार के दौरान कुछ छात्र बिना अनुमति के कॉलेज परिसरों में प्रवेश कर गए और नारेबाजी की। महंगी गाड़ियों से प्रचार करने और बैनर-पोस्टर के जरिए नियमों की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए गए।


सबसे गंभीर घटना शनिवार सुबह सामने आई, जब पटना साइंस कॉलेज में चुनाव प्रचार कर रहे कुछ छात्रों ने एक शिक्षक के साथ मारपीट कर दी। बताया जा रहा है कि पटना कॉलेज के कुछ छात्र क्लासरूम में प्रचार के लिए पहुंचे थे, जहां अंग्रेजी के एक शिक्षक के साथ कहासुनी के बाद मारपीट की गई। इसके बाद पटना साइंस कॉलेज और पटना कॉलेज के छात्रों के बीच भी झड़प हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।


इस घटना से शिक्षक और कर्मचारी वर्ग भी आक्रोशित हो गया। शिक्षकों ने चुनावी कार्य से खुद को अलग करने का निर्णय लेने की बात कही। माना जा रहा है कि शिक्षक पर हमले की घटना ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया और इसी कारण चुनाव स्थगित करने का निर्णय लिया गया।


हालांकि, जैसे ही चुनाव टाले जाने की खबर फैली, विभिन्न छात्र संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय परिसर की घेराबंदी कर दी और तय तिथि पर ही चुनाव कराने की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। कई छात्र संगठनों ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा बताया और प्रशासन पर दबाव बनाया।


बढ़ते विरोध और बिगड़ते माहौल को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को अपना फैसला वापस लेना पड़ा। देर शाम नई घोषणा जारी कर स्पष्ट किया गया कि छात्र संघ चुनाव 28 फरवरी को ही संपन्न कराया जाएगा। इसके साथ ही उम्मीदवारों की अंतिम सूची भी जल्द जारी करने की बात कही गई है।


छात्र संगठनों ने चुनाव बहाल किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि छात्र संघ चुनाव विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे किसी भी हाल में टाला नहीं जाना चाहिए। वहीं, प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


अब सभी की निगाहें 28 फरवरी को होने वाले मतदान पर टिकी हैं। प्रशासन के लिए जहां शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौती होगी, वहीं छात्र संगठनों के लिए यह अपनी ताकत दिखाने का अहम मौका माना जा रहा है।