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Home Guard Vacancy : बिहार में होमगार्ड की बंपर बहाली, 13,500 नए जवान होंगे बहाल; हर दिन मिलेंगे इतने रुपए

बिहार में 13,500 होमगार्ड भर्ती 2026-27 में होगी। कर्तव्य भत्ता बढ़कर 1121 रुपये प्रतिदिन हुआ। जानें चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण और पूरी जानकारी।

Home Guard Vacancy : बिहार में होमगार्ड की बंपर बहाली, 13,500 नए जवान होंगे बहाल; हर दिन मिलेंगे इतने रुपए
Tejpratap
Tejpratap
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Home Guard Vacancy : बिहार में पुलिस बल को मजबूत करने के साथ-साथ गृहरक्षकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार गृह रक्षा वाहिनी के तहत बड़े पैमाने पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। गृह विभाग ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में 13,500 नए होमगार्ड की भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।


2025 की भर्ती प्रक्रिया में तेज़ी

वर्ष 2025 में 15,000 गृहरक्षकों के नामांकन के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। ताज़ा जानकारी के अनुसार अब तक 11,438 अभ्यर्थियों का नामांकन पूरा हो चुका है। यह प्रक्रिया राज्य के 34 जिलों में संचालित की जा रही है। चयनित अभ्यर्थियों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें शारीरिक दक्षता, अनुशासन, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था से संबंधित प्रशिक्षण शामिल है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शेष अभ्यर्थियों की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी, ताकि सभी चयनित उम्मीदवारों को समय पर प्रशिक्षण देकर सेवा में लगाया जा सके।


लिपिक और अनुदेशक पदों पर भी बहाली

गृह रक्षा वाहिनी में केवल गृहरक्षक ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और प्रशिक्षण पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। अधिनायक लिपिक के 128 पदों पर सीधी नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। वहीं अधिनायक अनुदेशक के 244 पदों के लिए अधियाचना बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग को भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। इन नियुक्तियों से न केवल प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी, बल्कि प्रशिक्षण व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनेगी।


33 जिलों में भवन और प्रशिक्षण केंद्र

गृह रक्षा वाहिनी की संरचना को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार आधारभूत ढांचे पर भी विशेष ध्यान दे रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार 33 जिलों में भवन और प्रशिक्षण केंद्र के लिए जमीन प्राप्त कर ली गई है। शेष जिलों में भी जल्द भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। नए भवन और आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र बनने से होमगार्ड को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा, जो भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।


सेना के रिटायर्ड प्रशिक्षक देंगे ट्रेनिंग

प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सेना के सेवानिवृत्त अनुदेशकों की सेवा ली जाएगी। 50 रिटायर्ड ट्रेनरों को मानदेय के आधार पर प्रतिनियुक्ति की स्वीकृति दी गई है। ये प्रशिक्षक गृहरक्षकों को अनुशासन, सामरिक कौशल और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग देंगे। इस पहल से होमगार्ड बल की पेशेवर क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।


कर्तव्य भत्ता में बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने गृहरक्षकों के कर्तव्य भत्ते में भी वृद्धि की है। पहले यह 774 रुपये प्रति कार्य दिवस था, जिसे अब बढ़ाकर 1121 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। भत्ते में यह बढ़ोतरी गृहरक्षकों के लिए आर्थिक रूप से बड़ी राहत मानी जा रही है।


सरकार का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और होमगार्ड के मनोबल को बढ़ाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। आने वाले समय में गृह रक्षा वाहिनी को और सशक्त बनाने के लिए अतिरिक्त सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। कुल मिलाकर, बिहार में होमगार्ड की यह बंपर बहाली न केवल रोजगार के लिहाज से अहम है, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और आपदा प्रबंधन क्षमता को भी नई मजबूती देने वाली साबित होगी।

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